नारायणगढ़। नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ में सीएम फ्लाइंग की ओर से 14 मई को उजागर किए गए 21.86 लाख के गबन मामले से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। टीम की जांच में एक के बाद एक खुलासे हुए है। आरोपी सुभाष चंद ही अस्पताल के सभी वेतन व मेडिकल बिल तैयार करता था। वह डीडीओ के समक्ष सही बिलों की प्रिंट कॉपी पर हस्ताक्षर करवाता था लेकिन बाद में ई-सैलरी पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर के समय चालाकी से भत्तों की राशि बढ़ा देता था। इस तरह से ई-सैलरी पोर्टल के माध्यम से करीब 21.86 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन हो गया। नारायणगढ़ थाना पुलिस ने अस्पताल के उप-अधीक्षक सुभाष चन्द व रिटायर्ड वार्ड सर्वेंट मोहन लाल पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, ऐसे में अस्पताल के एसएमओ डॉ. रूपिंद्र सिंह सैनी पर डीडीओ का चार्ज होने के कारण उनकी भूमिका भी जांच के घेरे में है।
तृतीया एसीपी का एरियर को दूसरी बार क्लेम किया
सीएम फ्लाइंग की जांच में सामने आया कि 11 मई को राशि 1,44,308 लाख रुपये खजाना से क्लेम करते समय तृतीया एसीपी के एरियर का गलत आदेश बनाकर राशि निकाला जाना पाया गया, जबकि तृतीया एसीपी का एरियर सुभाष चन्द द्वारा पहले ही 19 अगस्त 2025 को क्लेम कर लिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक उक्त 11,93,470 लाख रुपये में से सुभाष चन्द द्वारा बिल बनाकर प्रिंट लेने के बाद बिलों की प्रतियों पर डीडीओ के हस्ताक्षर करवा कर कुल 3,91,134 लाख रुपये अतिरिक्त राशि क्लेम करना पाया गया इसके अतिरिक्त डीडीओ के समक्ष जो बिल बनाकर प्रिंट लेकर हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत किये गये, जिन बिलों पर डीडीओ के हस्ताक्षर हैं उन बिलों में अतिरिक्त क्लेम की गई राशि नहीं दर्शाई गई है, जबकि डीडीओ से सही बिलों पर हस्ताक्षर करवाने के बाद ई-सेलरी पोर्टल पर फेरबदल करके वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक 8,02.336 लाख रुपये अतिरिक्त खजाना से डीडीओ के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद क्लेम करना पाई गई है जो 11,93,470 रुपये पाया गया। इस तरह से कुल 21.86,870 रुपये अतिरिक्त राशि अवैध वेतन के रूप में सरकारी खजाने से गबन किया गया।
शहजादपुर में भी सामने आए गबन से जुड़ रहे मामले के तार
सीएम फ्लाइंग की टीम ने 12 मई को शहजादपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दबिश देकर 94 लाख के गबन के मामले को उजागर किया था। मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडल्ब्यू) 74 हजार के मूल वेतन की जगह हर महीने 7.80 लाख रुपये वेतन डलवा रहा था। अधिकारियों संग मिलकर कर्मचारी ने 94 लाख रुपये का गबन कर दिया था ऐसे में नारायणगढ़ में भी इसी तरह से हुए गबन के मामले के तार इस मामले से जुड़ते दिख रहे हैं।