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अंबाला सिटी में 1.95 करोड़ की लागतसे तैयार हुआ एडीआर सेंटर

Sun, 31 Jul 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी।
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संटर
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अंबाला सिटी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन न्यायाधीश एके मित्तल ने शनिवार को अंबाला में अल्टरनेट डिस्प्यूट रिड्रेस सेंटर (एडीआर) का उद्घाटन किया। न्यायाधीश एके मित्तल ने बताया कि अंबाला में स्थापित किया गया एडीआर सेंटर प्रदेश का 17 वां एडीआर केंद्र है। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित इस केंद्र के निर्माण पर 1 करोड़ 95 लाख 81 हजार रुपये की राशि खर्च की गई है तथा इसमें दो लोक अदालतें, विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्यालय, पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट, मीडिएशन सेंटर, बहुउद्देशीय हाल, आरबीट्रेशन हाल, लाइब्रेरी सहित विधिक सेवाओं से संबंधित अन्य सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
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उन्होंने इस अवसर पर कहा कि लोक अदालतें और मीडिएशन सेंटर शीघ्र व सुगम न्याय का सबसे बेहतर माध्यम है। विधिक सेवाओं के प्रचार-प्रसार के कारण अब लोक अदालतों व मीडिएशन केंद्र के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। इनके माध्यम से प्रतिवर्ष प्रदेश में लाखों लंबित और प्रीलिटिगेशन केसों का निपटान किया जाता है। समाज के गरीब वर्ग, महिलाओं और जरूरतमंदों को न्याय दिलवाने में भी विधिक सेवा काफी कारगर सिद्ध हुई है। लोक अदालतों के माध्यम से निपटने वाले केसों में जीत-हार की भावना समाप्त होती है और दोनों पक्ष स्वयं को जीते हुए मानकर राहत महसूस करते हैं। संविधान में निहित सभी के लिए समान न्याय की भावना को ही विधिक सेवाओं के माध्यम से प्रभावी तरीके से कार्यरूप दिया जा रहा है।
लोक अदालतों में अधिक मामलों के निपटान से न्यायालयों को ऐसे केसों को सुलझाने में अधिक समय मिल जाता है, जो लबी न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा में बेहतर सुविधाओं से युक्त न्यायिक परिसर उपलब्ध हैं।
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न्यायाधीश राजेश बिंदल ने अधिवक्ताओं का आह्वान किया कि वे लोक अदालतों की सफलता में अपना सहयोग दें। पारिवारिक विवादों के निपटान को और अधिक गति देने के लिए मीडिएशन सेंटर को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर समितियां भी गठित की जाएंगी।
न्यायाधीश दया चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ लोगों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से लोक अदालतों के मूल भाव को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है और इसमें न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ अधिवक्ताओं व गांव व शहर स्तर पर जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
जिला सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जिला में चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। अब तक लगभग 3000 कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करके 10 लाख से अधिक लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी और लोक अदालतों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया है। 6000 से अधिक लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण की निशुल्क सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।
इससे पूर्व न्यायाधीश एके मित्तल, राजेश बिंदल, दया चौधरी, जिला सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव विक्रम अग्रवाल ने एडीआर केन्द्र परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर तुलसी पब्लिक स्कूल की नन्ही छात्रा शिवानी ने विधिक सेवाओं की जानकारी पर आधारित कविता सुनाकर सभी को प्रभावित किया और न्यायाधीश एके मित्तल ने कार्यक्रम में बैंड प्रस्तुत करने वाले बच्चों, रिबन काटने की रस्म के लिए तैनात बच्चों तथा शिवानी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर जिला सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता, उपायुक्त प्रभजोत सिंह, पुलिस उपायुक्त डा. अरूण सिंह व मनीषा चौधरी, एडीसी गिरीश अरोड़ा, एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह, सीजेएम अर्चना यादव व स्वाति सहगल, बार एसोसिएशन के प्रधान रोहित जैन सहित अन्य न्यायिक अधिकारी व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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