गांव मरदो साहिब में पिछले दिनों पशु चोरों द्वारा ठीकरी पहरा देने वाले ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने व पशु चोरी की लगातार बढ़ रही शिकायतों के मसले पर 31 अगस्त को फिर विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में अंबाला, कुरुक्षेत्र व पटियाला के करीबन 177 गांवों के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सोमवार को इस महापंचायत का मकसद सरकार व पुलिस को स्थानीय प्रशासन के जरिए अपने इरादे बताना था। इसी के तहत सोमवार को मरदो साहिब गुरुद्वारा परिसर में सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण एकत्रित हो गए। इस दौरान वहां पूरी एकजुटता के साथ अंबाला प्रशासन को आंदोलन की चुनौती दी गई। तय कार्यक्रम के तहत पहले तो पंचायत प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर ये हुंकार भरी कि उक्त मामले में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए केस में ग्रामीणों की गिरफ्तारी किसी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी साथ ही पुलिस ने यदि पशु चोरों पर शिकंजा नहीं कसा, तो हजारों की तादाद में ग्रामीण सड़कों पर उतर जाएगें।
डीसी, एसडीएम को बुलाने की जिद पर अड़े रहे ग्रामीण आंदोलन की हुंकार भरने के बाद महापंचायत के प्रतिनिधियों ने वहां मौजूद सीआईडी कर्मियों के माध्यम से अंबाला डीसी तक खबर पहुंचाई कि यदि डीसी या एसडीएम खुद यहीं मौके पर आकर उनका ज्ञापन लेना चाहते हैं, तो महापंचायत इसके लिए इंतजार कर सकती हैं। वरना महापंचायत अपनी रणनीति के तहत काम करेगी।सीआईडी कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन तक पहुंचाई। जिला प्रशासन चाहता था कि महापंचायत में शामिल हुए सैंकड़ों ग्रामीण गांव की हद में ही रहें, शहर तक न पहुंचे, इसके लिए अंबाला डीसी ने अंबाला के तहसीलदार को महापंचायत का ज्ञापन लेने के लिए तुरंत सिटी से मरदोंसाहिब गुरुद्वारे के लिए रवाना कर दिया।थोड़ी ही देर में तहसीलदार मरदों साहिब गुरुद्वारे में पहुंच गए। सीआईडी कर्मियों ने तहसीलदार के महापंचायत में पहुंचने की सूचना तुरंत प्रतिनिधियों को दी। मगर महापंचायत प्रतिनिधियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने से साफ इंकार कर दिया।
प्रशासन को पल-पल की खबर देती रही सीआईडीउधर, महापंचायत प्रतिनिधियों ने तहसीलदार का मरदों साहिब पहुंचने पर माइक पर स्वागत तो कर दिया, लेकिन सभी सैकड़ों प्रतिनिधियों को आदेश देते हुए कहा कि शायद डीसी व एसडीएम यहां मरदों साहिब में आकर महापंचायत का ज्ञापन लेना नहीं चाहते, इसलिए सभी अपने-अपने वाहन तैयार करें और सिटी स्थित डीसी कार्यालय में कूच करने की तैयारी करें। सीआईडी कर्मियों ने तुरंत फिर से अंबाला प्रशासन को महापंचायत के सिटी कूच करने की सूचना देते हुए ये भी आशंका जता दी कि यदि महापंचायत में शामिल सैकड़ों ग्रामीण सिटी पहुंचे तो शहर में न केवल रोड जाम हो जाएगा, बल्कि वे डीसी कार्यालय में जमकर बवाल भी काटेंगे। तहसीलदार ने भी प्रशासनिक अफसरों से बातचीत कर महापंचायत की योजना से अवगत करवा दिया।अंबाला के डीसी ने भी मामले की नजाकत को समझते हुए एसडीएम अंबाला को निर्देश दिए कि वे तुरंत मरदों साहिब की ओर रवाना हों और वहीं ग्रामीणों के बीच जाकर उनका ज्ञापन ले लें। अंतत: एसडीएम के मौके पर आने की सूचना फिर से सीआईडी कर्मियों ने महापंचायत प्रतिनिधियों ने दी। थोड़ी ही देर में एसडीएम भी मरदों साहिब पहुंच गए और इस तरह ग्रामीणों को प्रशासन ने सिटी जाने से रोक दिया।
यह है मामलाकुछ दिन पहले कुछ पशु चोरों ने गांव मरदों साहिब में ठीकरी पहरा दे रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। इस पर ग्रामीणों ने भी उनका मुकाबला किया। इस दौरान चार चोरी के आरोपी युवक तो भाग गए, जबकि दो ग्रामीण बाइक पर चलते हुए गिर गए। एक नाले में जा गिरा, दूसरा दीवार से जा टकराया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हे सिटी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से दोनों को चंडीगढ़ रेफर कर दिया और वहां एक चोरी के आरोपी युवक की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पक्के नाले में गिरकर व दीवार पर जोरदार टकराने की वजह से दोनों आरोपी बुरी तरह घायल हुए हैं, ग्रामीणों ने उन्हे नहीं मारा है। इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ चोरी के आरोपी युवकों को पीटने के आरोप में गैर इरादत्तन हत्या व चोरी के आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने व चोरी का प्रयास करने का क्रास केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ग्रामीणों पर गिरफ्तारी का दबाव बना रही है। लेकिन इस मसले पर 177 गांवों के लोग लामबंद हो चुके हैं और गिरफ्तारी न होने और ग्रामीणों के खिलाफ परचा रद होने की जिद पर अड़ गए हैं।
पुलिस न मानी तो सड़कों पर उतरेंगे ग्रामीणहम अंबाला प्रशासन के आभारी हैं, जिन्होंने एसडीएम को मौके पर भेजकर महापंचायत का ज्ञापन स्वीकार करवाया है। लेकिन उम्मीद करते हैं कि प्रशासन महापंचायत की मांग भी स्वीकार करेगा।-हरकेश सिंह मोहड़ी, सरपंच
प्रशासन से मांग है कि वे महापंचायत का ज्ञापन मुख्यमंत्री व राज्यपाल तक पहुंचा दे और ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज किया गया केस रद करवाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मजबूरन ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ेगा।-परमजीत सिंह बड़ौला, सरपंच
पुलिस ने ये परचा मृतक के परिजनों के दबाव में दर्ज किया है। पुलिस पहले असलियत तो जान लेती। पुलिस जानती है कि गांव में इन चोरों का आतंक है, फिर भी ग्रामीणों के खिलाफ परचा दर्ज कर लिया।-खुशपाल सिंह, सरपंच
प्रशासन ने उचित कार्रवाई के लिए आश्वासन तो दिया है। मगर प्रशासन गांवों के लोगों को पशु चोरों के गिरोह से मुक्ति भी दिलवाए।-चरणजीत सिंह मोहड़ी, जिला परिषद सदस्य
पशु ग्रामीणों का धन होते हैं। लेकिन इन पशु चोरों ने कुरुक्षेत्र, अंबाला व पटियाला के गांवों तक आतंक मचा रखा है। ग्रामीणों को पशु चोरी के डर से रातों को नींद नहीं आती।-हरदयाल सिंह मोहड़ी, प्रतिनिधि
बहुत से गांवों के प्रतिनिधियों ने यहां कम से कम 35 ऐसी शिकायतें दी है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पशु चोरी की शिकायत पुलिस को दी थी, मगर पुलिस ने उनकी शिकायत पर परचा दर्ज करना तो दूर, उन्हे कोई तवज्जो ही नहीं दी। इसलिए पुलिस ही ग्रामीणों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है।-जसबीर सिंह मरदोंसाहिब, सरपंच
प्रशासन ग्रामीणों के साथ, पुलिस कमिश्नर से करेंगे बातमहापंचायत के ज्ञापन को प्रशासन सीएम व राज्यपाल तक पहुंचा देगा। मैं डीसी अंबाला से बातचीत कर महापंचायत की मांगों को उनके समक्ष रखूंगा। गांवों में पशु चोरी की वारदातें बढना बेहद चिंता का विषय है प्रशासन इस मसले पर ग्रामीणों के साथ है और आश्वस्त किया जाता है कि गांव में पुलिस की सुरक्षा को और बढ़ाया जाएगा। दूसरा महापंचायत की दर्ज केस को रद करने की जो मांग है, उस बाबत वे खुद महापंचायत के प्रतिनिधिमंडल की पुलिस आयुक्त से मीटिंग कराएंगे और उनके समक्ष बैठकर इस मसले पर बात करवाएंगें।-अजय सिंह तोमर, एसडीएस, अंबाला।