अंबाला सिटी। आग उगलती गर्मी ने बच्चों ही नहीं बल्कि बड़ों के भी पसीने छुड़ा दिए हैं। गर्मी से बचने के लिए कोई शीतल पेय का सहारा ले रहा है तो कोई घर से बाहर नहीं निकल रहा। इस गर्मी का असर बच्चों पर अधिक पड़ रहा है। खासकर उन छोटे बच्चों पर जो स्कूल जा रहे हैं।
आलम ऐसा है कि स्कूल की प्रार्थना सभाओं में इन बच्चों को चक्कर आ रहे हैं। दोपहर को छुट्टी के बाद स्कूल से लाने-ले जाने में भी माता पिता को दिक्कत हो रही है। सोमवार को अंबाला में दिन के समय 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों तापमान की सामान्य तापमान से तुलना करें तो दिन का तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है। जबकि रात्रि का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है।
इसके साथ ही गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाकर रख दिया है। सबसे अधिक परेशानी उन अभिभावकों को हो रही है, जिनके दो बच्चे एक ही स्कूल में अलग-अलग कक्षाओं में हैं। स्कूलों ने छोटी कक्षाओं का जल्दी का समय कर दिया है तो बड़ी कक्षाओं का अलग। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को स्कूल से लाने ले जाने के लिए सामंजस्य बैठाना मुश्किल हो रहा है। सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी गर्मी से बेहद दुखी हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला शिक्षा विभाग ने बढ़ती गर्मी के कारण अवकाश के लिए फाइल डीसी के पास भेज दी है, मगर अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है।
पंखों के सहारे स्कूल, बच्चे बेहाल
कई सरकारी स्कूल क्षेत्र में ऐसे हैं जहां गर्मी से बचने का सहारा पंखा ही है। ऐसे में अगर लाइट चली जाए तो ये बच्चे की गर्मी में बैठने को मजबूर हो जाते हैं। इसके साथ ही सिर्फ पंखे भी गर्मी से राहत नहीं ले पाते, ऐसे में बच्चों को शिक्षकों को पढ़ाना भी मुश्किल हो रहा है।
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ओपीडी 3700 पहुंची, पेट संक्रमण के मामले अधिक
गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंबाला सिटी और अंबाला छावनी के नागरिक अस्पतालों में ओपीडी 3700 के पार पहुंच गई है। इसमें सबसे अधिक मामले पेट में संक्रमण के आ रहे हैं। इसमें मरीज के पेट में दर्द हो रहा है, दस्त हो रहे हैं। इसके साथ ही कुछ मरीज पीलिया के भी आ रहे हैं। पानी कम पीने से पथरी हो रही है। शहर के नागरिक अस्पताल में आम दिनों में 1200 मरीजों की ओपीडी रहती है जोकि बढ़कर 1600 से भी अधिक हो गई है। चिकित्सकों की मानें तो गर्मी में बाहर का खाना और साफ पेयजल न पीने से लोगों के पेट में संक्रमण हो रहा है। रोजाना 10 से 12 मामले डायरिया के भी सामने आ रहे हैं। समस्या इतनी बड़ी है कि लोगों काे आपातकालीन वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। इसमें उल्टी, दस्त के मामले आ रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। चिकित्सक डॉ. अर्पिता गर्ग ने बताया कि लोग पानी को उबालकर पियें, गर्मी को देखते हुए अधिक से अधिक पानी पियें। बाहर का खाना कम से कम खाएं, डिहाइड्रेशन की स्थिति में ओआरएस का घोल पियें।
बीते पांच दिनों में दिन का तापमान
15 मई- 41.1
16 मई- 41.6
17 मई- 43.4
18 मई- 43.9
19 मई- 43.8
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।
एडवाइजरी जारी कर संतोष कर गया प्रशासन
डीसी डॉ. शालीन ने आमजन से आह्वान किया कि वे जारी की गई एडवाइजरी की पालना करें और लू से बचें। उन्होंने बताया कि लू से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी खबरों के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें, गर्मी में हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं-भले ही प्यास न लगी हो, ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू पानी और छाछ का सेवन करें। बच्चों को वाहनों में छोड़कर न जाएं उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है, नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें, काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेतखलिहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में ही आसरा लें। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच धूप में सीधे जाने से बचें। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं। इसी प्रकार बुजुर्गों का भी ध्यान रखें। वहीं अपने पालतू जानवरों का भी ध्यान रखें।
मौसम 24 मई तक गर्म और खुश्क
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में मौसम आमतौर पर 24 मई तक खुश्क और गर्म रहने की संभावना है। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। दिन के समय गर्म हवाएं अर्थात लू चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान बढ़ने से बीच बीच में हल्के बादल तथा शाम और रात्रि के समय धूल भरी हवा चलने की संभावना है।
गर्मी में तालमेल के साथ लें निर्णय : कुलभूषण
निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि गर्मी को सभी जगह एक जैसी पड़ रही है। आदेश सभी जिलों के लिए एक समान होना चाहिए। अब अवकाश करने का अधिकार उपायुक्तों के विवेक पर छोड़ दिया गया। इसलिए कुछ जगह अवकाश का निर्णय हो चुका है तो कुछ जगह अभी तक निर्णय नहीं लिया गया। इतनी गर्मी में अभिभावकों को दिक्कत हो रही है।
वर्जन
अभी अवकाश के निर्देश नहीं आए है। स्कूलों पर अवकाश डीसी ही लेंगे। उनके पास गर्म हवा और तापमान के संबंध में फाइल भेजी गई है।
-सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।