अंबाला। जिले में आधार को लेकर काफी मारामारी चल रही है और काफी परेशान हैं। प्रशासन के फरमान के बाद लोग एनरोलमेंट स्लिप लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं पर भी राहत नहीं मिल रही। ऐसे एलपीजी उपभोक्ताओं की परेशानी यही है कि स्लिप से भी राहत नहीं है, जबकि बैंक और एजेंसियां आधार नंबर मांग रही हैं। प्रशासन के पास भी इसका कोई इंतजाम नहीं है कि जिन के आधार नंबर ही जनरेट नहीं हुए, वह क्या करे।
उल्लेखनीय है कि 31 जनवरी के बाद एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बिना सब्सिडी के 1220 रुपये पर मिलेगा। इस फरमान के बाद इन उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ गई हैं, क्योंकि हजारों उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके आधार नंबर ही जनरेट नहीं हुए हैं। अब इनके लिए समस्या यह है कि न तो गैस एजेंसी इनको राहत दे रही है और न ही बैंक इनके खाते खोल रहे हैं। अब लोग क्या करें। उन्हें बैंकों और एजेंसियों से जानकारी नहीं मिल रही है।
न तो इन उपभोक्ताओं के अकाउंट खोले जा सकते हैं और न ही गैस सिलेंडरों की सब्सिडी इन्हें मिलेगी। ऐसी स्थिति में प्रशासन के पास उन लोगों के लिए कोई इंतजाम नहीं है, जिनके आधार कार्ड ही नहीं बने हैं। प्रशासन ने आधार कार्ड का प्रिंट निकलवाने और बनवाने के लिए तो व्यवस्था कर दी, लेकिन जिन के आधार नंबर जनरेट नहीं हुए, उनके लिए कुछ नहीं है।
सब्सिडी पर संशय
जिनके आधार नंबर जनरेट नहीं हुए हैं, उन उपभोक्ताओं में संशय है कि उनकी सब्सिडी का क्या होगा, यदि आधार नंबर जनवरी के बाद मिलते हैं। इस बारे में गैस एजेंसियां भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हैं, जबकि इन उपभोक्ताओं की नींद उड़ी है कि वह क्या करें। उपभोक्ता सर्वेश्वर दयाल, कुलवंत सिंह, देवी दयाल, गुरबख्श सिंह, आरती देवी, कांता, मालती और पूनम ने बताया कि आधार नंबर बना नहीं है और एजेंसी व बैंक वाले नंबर मांगते हैं। ऑनलाइन चेक करवाते हैं तो पता चलता है कि अभी आधार नंबर जनरेट नहीं हुआ। एजेंसी के पास जाते हैं तो कहते हैं कि आधार नंबर के बिना गैस बुक नहीं होगी, जबकि बैंक वाले कहते हैं खाता नहीं खुलेगा। अब क्या करें कुछ समझ नहीं आ रहा।