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सीआईबी टीम इंस्पेक्टर कैलाश, एसआई जोगिंदर और कांस्टेबल सुशील पर गिरी गाज, मुरादाबाद ट्रांसफर

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अंबाला। कोलकाता-अमृतसर स्पेशल ट्रेन से 14 तोला सोना व 1.30 लाख रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में आरपीएफ की सीआईबी टीम पर पहली गाज गिर गई है। टीम इंस्पेक्टर कैलाश, एसआई जोगिंदर व कांस्टेबल सुशील का तुरंत प्रभाव से मुरादाबाद तबादला कर दिया गया है, वहीं इस मामले में अभी कुछ और कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं। उक्त कार्रवाई आरपीएफ सह-सुरक्षा आयुक्त की प्राथमिक जांच के आधार पर की गई है।
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एयरफोर्स कर्मचारी से सोना चोरी को मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरपीएफ व जीआरपी अधिकारियों ने पड़ताल तेज कर दी है।
बुधवार जहां आरपीएफ सह सुरक्षा आयुक्त ने छावनी रेलवे स्टेशन स्थित सीआईबी कार्यालय में दबिश दी। टीम के प्रत्येक सदस्य से लगभग 4 घंटे अलग-अलग पूछताछ की। टीम इंस्पेक्टर सहित लगभग 5 कर्मचारियों के बयान कलमबद्ध किए गए। सूत्रों से जानकारी मिली है कि अभी सभी एक जैसी ही भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वहीं जीआरपी ने भी आरपीएफ कर्मचारियों को थाने बुलाया और 2-3 कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
लाखन से नहीं हो पा रहा संपर्क....
मामले का खुलासा करने वाले और खुद को पीड़ित बताने वाले लाखन से भी संपर्क करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। उसके गृह निवास पर खुफिया विभाग की नजरें पहले से ही हैं। वहीं जीआरपी द्वारा लगातार संपर्क के बाद भी लाखन का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। आरपीएफ भी अपने स्तर पर लाखन से संपर्क करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि लाखन ने ईमेल भेजकर आरपीएफ पर 14 तोले सोना और 1.30 लाख रुपये उससे वसूलने के आरोप लगाए थे। बाद में पता चला था कि ट्रेन से एयरफोर्स कर्मी रविशंकर को सोना भी लाखन ने ही धोखे से चुराया था।
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सहारनपुर ट्रांसफर हो सकता है केस
घटना स्थल सहारनपुर स्टेशन यार्ड था, लेकिन अपनी जान बचाने के लिए सहारनपुर जीआरपी ने जीरो एफआईआर काटकर बनारस भेज दी। मामला पुलिस व आरपीएफ के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया है इसलिए अब बनारस में दर्ज एफआईआर सहारनपुर जीआरपी को ट्रांसफर की जा सकती है।
ऑनलाइन एफआईआर की सूचना
जानकारी यह भी मिली है कि सोने को अपना बताने वाले लाखन ने पैसे व सोने के मामले में हरियाणा के पुलिस पोर्टल पर ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज करवाई है। इसमें सारे आरोप आरपीएफ टीम पर जड़े गए हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हई है।
जांच जारी
मामले की जांच जारी है। कुछ आरपीएफ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। अभी टीम इंचार्ज से संपर्क नहीं हो पाया। उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। आरपीएफ भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है। ऑनलाइन एफआईआर के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। आरपीएफ कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई हो रही है, यह उनके विभाग का काम है।
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-विलायती राम, प्रभारी जीआरपी अंबाला।
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