संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। अदालत ने पिटाई और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी चमन लाल को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी डॉ. जितेन्द्र कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले के मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता सुनवाई के दौरान अपने बयानों से पलट गए जिसके चलते अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध करने में नाकाम रहा। मुख्य गवाहों ने ही अभियोजन पक्ष के दावों का समर्थन नहीं किया और किसी भी स्वतंत्र गवाह ने आरोपी की पहचान नहीं की। मामले की सुनवाई के दौरान ही एक अन्य आरोपी बलदेव सिंह की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद 12 जनवरी 2026 को उसके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई थी।
26 अगस्त 2024 की रात करीब 9:30 बजे गांव बारी बस्सी (शहजादपुर) में रंजिश पर हमला हुआ था। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार ने पुलिस को बताया था कि जब वह अपने बाड़े से घर जा रहा था, तब चमन लाल, बलदेव और अन्य आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में कृष्ण कुमार के अलावा उनके पिता महिंद्र सिंह, चाचा जसविंदर और परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।