फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में आकर सरेआम कर्मियों से शपथपत्र ले गया ओरियन स्टार कंपनी का आरोपी ठेकेदार, विजिलेंस बेखबर

विज्ञापन
विज्ञापन
करीब साढ़े तीन माह पूर्व शहर नागरिक अस्पताल में हुए घूसकांड में नामजद ओरियन स्टोर कंपनी का भूमिगत ठेकेदार पुनीत अत्री दिन-दिहाड़े आउट सोर्सिंग कर्मियों से शपथपत्र लेकर चला गया और विजिलेंस को भनक तक नहीं लगी। कर्मियों को सेलरी दिलाने के नाम पर वह अपने सहयोगियों के साथ पीएमओ व सीएमओ ऑफिस में काफी समय तक बेरोकटोक घूमता रहा। उसने यह कहकर शपथपत्र लिए कि वह बेकसूर है। जब तक रेड होती वह फरार हो चुका था। भ्रष्टाचार के मामले में यमुनानगर के अजय को ओटी सहायक लगाने के नाम पर 30 हजार रिश्वत लेते राज्य सतर्कता ब्यूूरो द्वारा जंडली के संजीव को रंगेहाथ व बाद में अकाउंटेंट हरप्रीत सिंह को पकड़ा गया था। दोनों कोर्ट से जमानत पर हैं। फील्ड अफसर राजकुमार व ठेकेदार पुनीत अत्री की तलाश जारी है। दोनों ही इस केस में मुख्य आरोपी हैं। लेकिन आज तक विजिलेंस इन्हें काबू करने में नाकाम रही है। जानकारी के अनुसार घटना के बाद से विजिलेंस ठेकेदार व फील्ड अफसर की तलाश में जुटी है लेकिन वे हाथ नहीं लगे। कई बार दोनों की लोकेशन मिली लेकिन जब जब टीम पहुंच पाती वह वहां से निकल चुके थे।
विज्ञापन

विजिलेंस चूकी या आरोपियों को बचाने का प्रयास
मंगलवार दोपहर पुनीत अत्री नागरिक अस्पताल पहुंचा। आउट सोर्सिंग कर्मियों से कहा कि वह उनकी सेलरी दिलाने आया है। इन कर्मियों की सेलरी 4 माह से नहीं मिली। वेतन दिलाने के नाम पर उसने अपने पक्ष में शपथपत्र देने का आग्रह किया। अधिकतर ने उसका सहयोग किया लेकिन कुछ ने शपथपत्र देने से इंकार कर दिया। करीब दो घंटे तक वह स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में घूमता रहा और विजिलेंस बेखबर रही।
यह है मामला
अजय ने शिकायत की थी कि ओटी सहायक लगाने के लिए उससे पैसे मांगे जा रहे हैं। आलाधिकारियों से आदेश मिलने के बाद कौलां के संजीव को पकड़ा। उससे पूछताछ के बाद पुनीत, राजकुमार व हरप्रीत को भी नामजद किया गया। राजकुमार की लोकेशन पंजाब व सिरसावा के डेरों में आई लेकिन वह हाथ नहीं लगा। मामले में आउट सोर्सिंग कर्मियों ने नौकरी के लिए सुविधाशुल्क लिए जाने के शपथपत्र विजिलेंस को दिए थे।
विज्ञापन

कर्मियों से अपने पक्ष में शपथपत्र ले गया है आरोपी ठेकेदार
एसपी विजिलेंस सुरेश कौशिक के अनुसार रिश्वतकांड में नामजद आरोपी ठेकेदार पुनीत अत्री अस्पताल आया था। इसकी समय रहते जानकारी नहीं मिल पाई। वह कर्मियों से अपने पक्ष में शपथपत्र लेकर गया है। विजिलेंस ऑफिस आए कुछ कर्मियों ने सेलरी दिलाने के लिए आग्रह किया था। सेलरी दिलाना विभाग का काम नहीं है। उन्हीं से पुनीत के अस्पताल आने का पता चला था। कार्रवाई से पहले वह निकल गया था। राजकुमार व पुनीत की तलाश में लगातार दबिश जारी है। दोनों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें