अटल मिशन कायाकल्प एंड शहरी परिवर्तन योजना (अमरूत) के तहत अंबाला में चल रहे 436 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट में गड़बड़झाला सामने आया है। नगर परिषद छावनी ने अलग-अलग करीब 10 गलियों में डाली गई सीवरेज लाइन को रिजेक्ट कर दिया है। इसके अलावा बिना डी-वॉटरिंग और बिना सीवरेज लाइन लगाए पेश किए फर्जी बिलों की पेमेंट भी रोक ली है। लेकिन गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के इस महत्वाकांशी प्रोजेक्ट में चंडीगढ़ के अधिकारियों की दखलअंदाजी हो रही है। अलबत्ता स्थानीय अधिकारियों पर बिल पास करने का दबाव है। फिलहाल करीब 5 करोड़ की पेमेंट परिषद की ओर से अनियमितता के चलते निर्माण एजेंसी की रोकी गई है।
160 किलोमीटर डाली जानी है लाइन
इस प्रोजेक्ट की बात करें तो छावनी में 160 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन डाली जानी थी जिसमें छावनी से सटे प्रभु प्रेम पुरम, पूजा विहार, नग्गल, खोजकीपुर, करधान, सलारहेड़ी, रामपुर, सरसेहड़ी, चंदपुरा, बोह, बब्याल, महेश नगर, घसीटपुर, नन्हेड़ा, मच्छौड़ा और शाहपुर का एरिया भी शामिल है। प्रदेश सरकार ने जिस निर्माण एजेंसी को इसका ठेका दिया है वह बीते दो साल में 82 किलोमीटर सीवरेज लाइन का काम पूरा कर चुकी हैं।
50 किलोमीटर लंबी सड़कें दोबारा से बनी, अब तीसरी बार तोड़ने की आई नौबत
करीब 50 किलोमीटर लंबी सड़कें दोबारा तैयार हो चुकी हैं बाकी 32 किलोमीटर में से 10 किमी कच्चे रास्ते पर डाला गया है तो वहीं 22 किलोमीटर लंबी लाइन को पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की ओर से बनाई जानी है। लेकिन 82 किलोमीटर सीवरेज में ही निर्माण एजेंसी ने गड़बड़झाला कर दिया है। निर्माण एजेंसी के एक सब कांट्रेक्ट ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया है कि परिषद ने बेशक काम रिजेक्ट और पेमेंट रोक ली है लेकिन पेमेंट के लिए चंडीगढ़ में बैठे बड़े अफसरों से फोन कराकर स्थानीय अधिकारियों को धमकाने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। लाइन रिजेक्ट होने से तीसरी बार इन सड़कों को उखाड़ा जाना तय है।
बब्याल तक डाली लाइन में जंक्शन प्वाइंट नहीं पूरे
एक ठेकेदार की मानें तो बब्याल तक सीवरेज लाइन डालने का निर्माण एजेंसी पूरा कर चुकी है। प्रोजेक्ट में दी गई ड्राईंग के मुताबिक निर्माण एजेंसी को जंक्शन प्वाइंट तक लाइन को लगाना था लेकिन ठेकेदार ने सीधी लाइन तो डाल दी। जंक्शन प्वाइंट पर अभी तक सीवरेज लाइन नहीं लगी है। जानकारों का कहना है कि यह सबसे मुश्किल काम है क्योंकि सीवरेज लाइन नालों और पुलिया के नीचे से 100 मीटर से 200 मीटर तक अंदर तक गलियों में डाली जानी थी। यह काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसीलिए करीब चार करोड़ की पेमेंट भी रोक दी गई है और बिल निर्माण एजेंसी को वापस किया जा चुका है।
डी-वॉटरिंग और बिना लाइन डाले बिल किए पेश
हैरानी की बात यह है कि एकता विहार क्षेत्र में डी-वॉटरिंग कर सीवरेज लाइन डाली जानी चाहिए थी ताकि लाइन डालते वक्त कोई दिक्कत न आए। ठेकेदार को 30 से 50 फीट तक बोर करके जमीन से पानी निकालना था। यह एक निश्चित दूरी के बाद ठेकेदार को करना था लेकिन ठेकेदार ने यह काम नहीं किया। बिना डी-वाटरिंग कर फर्जी बिल पेश कर दिए गए। इसी प्रकार प्रभु प्रेम पुरम और अन्य जगह पर करीब 8 सड़कें ऐसी थी जिनमें बिना सीवरेज लाइन डाले ही उनके बिल पेश कर दिए गए। इसीलिए मामला जांच के दौरान पकड़ में आ गया और 70 लाख की पेमेंट रोक दी गई है।
बिना कंकरीट डाली जा रही थी लाइन
वार्ड 17 में ठेकेदार ने बिना सीमेंट-कंटरीट (सीसी) डाले ही सीवरेज की पाइप लाइन डाल दी। शिकायतकर्ता ने जब नगर परिषद के एक्सईएन से इसके मापदंड मांगे तो मामले में गड़बड़झाला सामने आ गया। मापदंडों के मुताबिक पहले सीसी का फर्श बनता है फिर उसके ऊपर पाइप लाइन बिछाई जाती है और उसे फिक्स करने के लिए दोबारा सीसी डाली जाती है। लेकिन ठेकेदार ने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा मैनहोल 6 इंच का बना होता है। जिसमें 10 से 12 इंच की पाइप लाइन लगाई जाती है। जिस पर सीसी डालकर सील किया जाता है ताकि वहां से सीवरेज लीक न हो। लेकिन मैनहोल और पाइप को सील करने की बजाए उसे मिट्टी में दबा दिया गया। मामले की जांच करने एक्सईएन पंकज सैनी मौके पर पहुंचे तो आनन-फानन में इस काम को रिजेक्ट कर दिया गया। इसी तरह का गड़बड़झाला अन्य गलियों में बिछाई गई लाइन में भी हुआ है जिसकी जांच से अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। वार्ड 17 में गांधी नगर, पालम विहार डी, बैंक कॉलोनी, शांति नगर, पटेल नगर, अशोक विहार और वार्ड 14 में भी सीवरेज लाइन डाली गई है जो जांच से दूर है।
सरसेहड़ी रोड पर 150 मीटर बाकी है लाइन
जगाधरी रोड से चंदपुरा तक सीवरेज लाइन ठेकेदार को लगानी थी जिसमें से 150 मीटर लाइन बची है। यह रोड पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की है और सीवरेज वर्क पूरा होने के बावजूद जनता गड्ढों और कीचड़ से दुखी है। मामले में खुद स्वास्थ्य मंत्री निर्माण एजेंसी को जल्द से काम पूरा करने के आदेश दे चुके हैं लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। इसी प्रकार खोजकीपुर से प्रभु प्रेम पुरम तक रोड पर सीवरेज वर्क पेंडिंग है जिसके चलते खोजकीपुर, नग्गल, करधान, ब्राह्मण माजरा समेत अन्य गांवों में जाने वाले रोड रोड की खस्ताहाल की वजह से दुखी है।
-असल में किन सड़कों को मैंने रिजेक्ट किया है यह तो ऑफिस में फाइल देख कर ही बताया जा सकता है। अभी मैं अस्पताल में हूं इसीलिए ज्यादा जानकारी इस मामले में नहीं दे सकता।
-पंकज सैनी, एक्सईएन, नगर परिषद अंबाला छावनी