अंबाला में सड़क हादसे में तीन की मौत।
अंबाला-दिल्ली हाईवे स्थित सैनिक रेस्ट हाउस के पास तेजरफ्तार कैंटर ने शनिवार-रविवार देर रात करीब दो बजे जमकर कोहराम मचाया। हादसे में कैंटर चालक की लापरवाही से तीन लोग मौत की नींद सो गए जबकि चौथा जिंदगी और मौत की जंग 32 पीजीआई चंडीगढ़ में लड़ रहा है। मरने वालों में दो पटना के खरवईया निवासी अमित और विरेंद्र कुमार हैं। जबकि डिवाइडर पर सोए हुए एक मृतक व पीजीआई रेफर की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार लुधियाना से गाजियाबाद जा रहा एक कैंटर करीब दो बजे अनियंत्रित होकर अंबाला छावनी में अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे के नजदीक पलट गया। पलटने से पहले कैंटर ने डिवाइडर पर सो रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया। व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि इसी डिवाइडर पर दूसरा व्यक्ति भी सो रहा था उसे गंभीर हालात में पहले छावनी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया है। वहीं कैंटर में सवार पटना के गांव खरवईया निवासी अमित कुमार व विरेंद्र कुमार की मौत की कैंटर पलटने के कारण उसके नीचे दबने से मौत हो गई।
परचून का सामान लेकर लुधियाना से जा रहा था गाजियाबाद
हादसे के समय कैंटर चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन सुबह के समय वह मौके पर पहुंच गया। बताया जाता है कि कैंटर चालक दो क्लीनर से साथ परचून का सामान लुधियाना से लोड कर गाजियाबाद की तरफ जा रहा था। इसी बीच जब वह अंबाला छावनी में सैनिक रेस्ट हाउस के पास पहुंचा तो संदिग्ध परिस्थितियों में वह डिवाइडर से टकरा गया। इलाका पुलिस ने मौके पर मौजूदा टैक्सी चालक अजय की शिकायत पर कैंटर चालक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। लुधियाना से पटना निवासी मृतकों के परिजनों के आते ही पोस्टमार्टम कर शव उन्हें सौंप दिए।
आधे घंटे बाद कैंटर से नीचे दबे मिले थे क्लीनर के शव
कैंटर के पलटने के बाद अंबाला-दिल्ली हाईवे के फ्लाईओवर का यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से कैंटर को उठवाकर सड़क किनारे किया और यातायात दुरुस्त किया। शिकायतकर्ता अजय का कहना था कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचे तो पुलिस मुलाजिमों व उन्हें लगा कि महज डिवाइडर पर लेटे व्यक्ति की चपेट में आए हैं। वह इस दौरान तक क्लीनरों की मौत से बेखबर थे। कैंटर का सामान उतरवाने के करीब आधे घंटे बाद क्रेन की मदद से कैंटर को उठाया तो उन्हें क्लीनरों के शव मिले। पुलिस को भी तभी पता चला कि मरने वालों की संख्या तीन है।