गर्मी जा चुकी है और सर्दी ने दस्तक दे दी है। इस दौरान एसी, पंखे और कूलर बंद पड़े हैं। इसके बाद भी बिजली के अघोषित कटों से छावनी की जनता परेशान है। यह परेशानी एक या दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले एक हफ्ते से लगातार जारी है। बुधवार सुबह भी नौ बजे अचानक बिजली गुल हो गई। लगभग दो घंटे के बाद 11 बजे बिजली आई। मगर, बिजली गुल होने का न तो मोबाइल पर कोई संदेश आया और न ही कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी।
ऐसे हालात रोजाना देखने को मिल रहे हैं। बिजली किस समय चली जाएगी, इसकी जानकारी खुद विभाग के पास नहीं होती। उन्हें भी तब जानकारी मिलती है, जब उपभोक्ता बिजली कट की जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम पर संपर्क करते हैं। इसके बाद कर्मचारी हरकत में आते हैं और मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान में जुट जाते हैं। यह हालात सर्दी के मौसम में देखने को मिल रहे हैं। दूसरी ओर, बिजली विभाग का कहना है कि हमने पहले के मुकाबले व्यवस्था में सुधार है।
कम लोड के बावजूद कट
पहले गर्मी के मौसम में लोड का बहाना बनाकर घंटों बिजली के कट लगते थे। अब सर्दी है और हालात गर्मी वाले ही हैं। पहले मोबाइल पर बिजली कट की जानकारी मिल जाती थी, वह भी अब गुजरे जमाने की बात हो गई है। हालात सुधरने की बजाय बिगड़ रहे हैं और व्यवस्थाएं सुधारने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
-पूजा, गृहिणी।
घरेलू कार्य में होती है परेशानी
पिछले एक हफ्ते से बिजली लगातार गुल हो रही है। बुधवार सुबह भी दो घंटे के लिए बिजली चली गई। इस दौरान पानी भरने का समय होता है और घरेलू काम निपटाए जाते हैं, लेकिन सब काम अधर में लटक गए। जब बिजली आई तो पानी गायब हो गया। शाम को पानी आने के बाद बच्चे नहा धो सके और जरूरी कार्य निपटाए गए।
-राजवती, गृहिणी।
अचानक आ जाता है फॉल्ट
लाइन में कभी-कभी अचानक फॉल्ट आ जाता है। सुधार में कुछ समय लग जाता है। पहले के मुकाबले बिजली कट में काफी सुधार है। कई जगह पुराने ट्रांसफार्मर और तारों को बदला गया है। फिर भी कहीं कोई दिक्कत है तो वहां सुधार किया जाएगा। मोबाइल पर आने वाले संदेश को लेकर संबंधित विभाग से जानकारी ली जाएगी।
-जेसी शर्मा, एक्सईएन कैंट।