स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार ने जिला अस्पतालों के साथ-साथ प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी चिकित्सा अधिकारी के साथ एक-एक आयुर्वेदिक चिकित्सक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। कुरुक्षेत्र के श्रीकृष्ण आयुर्वेदिक महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा और इसका बिल इसी बजट सत्र के दौरान पास होगा। इससे आयुर्वेद के चिकित्सक भी मिले सकेंगे। विज शुक्रवार को अपना घर में आयुष विभाग द्वारा लगाए गए जिलास्तरीय नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर के उद्घाटन अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने हरियाणा में आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर चिकित्सा संस्थान (पीजीआई) स्थापित करने के लिए सहमति दे दी है। केवल औपचारिक घोषणा होनी शेष है। प्रत्येक जिला अस्पताल में आयुष केन्द्र स्थापित किया जाएगा और प्रत्येक जिला में एक पंचकर्म केन्द्र भी खोला जाएगा। केरल विश्वविद्यालय ने पंचकर्म का नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए सहमति व्यक्त की है और प्रदेश में इस पद्धति के प्रशिक्षक तैयार करके हर जिला में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। शिविर में 242 वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच करके आयुर्वेदिक और यूनानी दवाइयां नि:शुल्क दी गईं।
गांधी मैदान में लगेगा राज्यस्तरीय आरोग्य मेला
विज ने कहा कि प्रदेश में पहली बार राज्यस्तरीय आरोग्य फेयर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आयुर्वेद और योग से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा गोष्ठियां की जाएंगी। फेयर 3 से 6 मार्च तक गांधी मैदान में लगेगा। मंत्री ने रेडक्रॉस द्वारा संचालित अपना घर के रैन बसेरा के जीर्णोद्धार और फर्नीचर के लिए अपने कोष से 5 लाख रुपये दिए। इस अवसर पर उपायुक्त अशोक सांगवान, सिविल सर्जन डा. विनोद गुप्ता, आयुष विभाग के उपनिदेशक डा. सतपाल बहमनी, तहसीलदार पुण्यदीप शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. सतपाल, डा. अमित, रैड क्रास सोसायटी के सचिव अनिल जोशी, भाजपा नेता सोम चोपड़ा आदि रहे।