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पत्नी ने किडनी देकर पति को दिया जिंदगी का तोहफा

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ललित मोहन व सपना - फोटो : AMBALA
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आलोक सिंह रघुवंशी
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अंबाला। बराड़ा की रहने वाली सपना ने अपने को किडनी देकर समाज में मिसाल कायम की है। बराड़ा निवासी ललित मोहन बाईपास पर बाइक स्पेयर पार्ट की दुकान करते हैं। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके भाई उमेश कुमार ने बताया कि उसके भाई की जन्म से ही एक किडनी नहीं थी। दिसंबर 2017 में उसे एमएम मुलाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने टेस्ट के बाद बताया कि उनकी किडनी खराब है। इसका डायलिसिस कराओ या किडनी ट्रांसप्लांट। इसके बाद वे लुधियाना, चंडीगढ़ समेत कई जगहों पर गए, लेकिन उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। कुछ लोगों ने देसी नुस्खे भी बताए, वहां भी इलाज कराया पर फर्क नहीं पड़ा। हार मानकर चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज कराना शुरू किया, लेकिन वहां पर देरी के कारण मोहाली के मैक्स अस्पताल में भाई को भर्ती कराया। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट करने की बात कही। इस पर उसकी भाभी सपना ने पति की जान की खातिर तुंरत अपनी किडनी देने के लिए हामी भर दी। घरवालों ने मना किया लेकिन वह नहीं मानी।
पति है तो पूरा परिवार है : सपना
परिजनों ने उसे कहा कि वह किडनी न दे, लेकिन सपना ने कहा कि वह किडनी देकर अपने पति की जान बचाएगी। सपना ने कहा कि पति है तो पूरा परिवार है और विपदा की इस घड़ी में वह न आगे आएगी तो कौन आएगा। यह उसका धर्म भी है। इसके बाद सपना के टेस्ट हुए। 12 जुलाई को मैक्स अस्पताल में किडनी विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंगला, ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. जगदीश सेठी व उनकी टीम ने ललित मोहन को किडनी ट्रांसप्लांट की। फिलहाल दोनों पति-पत्नी स्वस्थ हैं। सपना के इस फैसले से जहां पूरा परिवार खुश है, वहीं मोहल्ले व आसपास के लोग सपना की तारीफ कर रहे हैं।
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वर्ष 2002 में हुई थी दोनों की शादी
ललित मोहन व सपना की शादी 18 फरवरी 2002 में हुई थी। दोनों के दो बच्चे कुनाल (12) और हितेन (10) हैं। कुनाल आठवीं कक्षा में तो हितेन पांचवीं कक्षा में है। सपना का कहना है कि किडनी देने से कोई परेशानी नहीं होती है। मेरी सभी से अपील है कि ऐसे रोगियों की जान बचाने में डरने की बात नहीं है। बड़ी बात यह है कि इंजेक्शन से डरने वाली सपनी किडनी ट्रांसप्लांट के वक्त तनिक भी नहीं डरी और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ पति की जान बचाई।
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