अंबाला सिटी। जिला प्रशासन और बाल कल्याण समिति के सहयोग से बेसहारा दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट (एससीसीआई) बनाया जाएगा। यहां पर बेसहारा दिव्यांग बच्चों की रहने खाने और पढ़ने की व्यवस्था रहेगी।
यह इंस्टीट्यूट फिलहाल निजी संस्थान में शुरू किया जाएगा। इसके लिए निजी संस्थान को ही शुरू में खर्च उठाना होगा। हालांकि विभाग द्वारा सामाजिक संस्थाओं के जरिये संस्थान को आर्थिक मदद और अन्य संसाधनों को जुटाने के लिए मदद दिलवाई जाएगी। फिलहाल विभाग की ओर से इसकी मंजूरी के लिए फाइल को निदेशालय भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
तीन वर्ष के बाद मिलेगी ग्रांट
तीन वर्षों तक निजी संस्थानों को अपने स्तर पर ही यह इंस्टीट्यूट चलाना होगा। इसके बाद विभाग की ओर से प्रमाणित होने के बाद ग्रांट दी जाएगी। इस समय अवधी के दौरान विभाग की टीमें समय- समय पर व्यवस्थाओं का जायजा भी लेंगी। इसी आधार पर प्रमाणित होने के नंबर दिए जांएगे।
सुविधा बढ़ाने के लिए शुरू होगा काम
बाल कल्याण समिति को दिव्यांग बच्चे मिलते हैं। इन्हें आश्रम में ही निवास दिया जाता है। मगर इन आश्रमों में रहने की व्यवस्था तो रहती है मगर बच्चों को पढ़ने के लिए कोई सुविधा नहीं मिलती। इसलिए यह कदम उठाया गया है। इसके लिए विभाग के पास विशेष एजुकेटर भी हैं। जो बच्चों को पढ़ाने का कार्य करेंगे।
वर्जन
फिलहाल इस इंस्टीट्यूट की फाइल मंजूरी के लिए निदेशालय भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। एक बार जिला स्तरीय टीम द्वारा भवन का निरीक्षण किया जा चुका है। यहां पर बच्चों के सोने के लिए बेड भी लगाए गए हैं।
-रंजीता सचदेवा, चेयरपर्सन जिला बाल कल्याण समिति अंबाला।