अंबाला छावनी स्टेशन के यार्ड में खड़ी मालगाड़ी में चावल के कट्टे लोड करते कर्मचारी। रेलवे
अंबाला। लघु उद्योगों और छोटे व्यापारियों के उत्पादों को कम लागत पर जम्मू-कश्मीर की घाटी तक पहुंचाने के प्रयास में उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने पहली बार एक निजी व्यापारी के खाद्यान्न यानी चावल को ट्रेन के जरिए जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग भेजा है। इस कदम से जहां घाटी में खाद्यान्न की आपूर्ति आसान होगी, वहीं रेलवे के खजाने में भी इजाफा हुआ है। ये जानकारी वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि अंबाला छावनी माल गोदाम से पहली बार किसी निजी पार्टी के चावल का एक वैगन अनंतनाग के लिए रवाना किया गया है। रेलवे को इस एकल वैगन के लदान से लगभग 73 हजार रुपये की आय प्राप्त होगी। उन्होंने बताया अंबाला मंडल लगातार माल परिवहन सेवाओं को व्यापारियों के अनुकूल और किफायती बनाने में जुटा है। इससे पहले इसी साल अप्रैल और मई के महीने में छावनी माल गोदाम से अनंतनाग के लिए जैविक खाद के 6 वैगन सफलतापूर्वक भेजे जा चुके हैं। खाद के सफल ट्रांसपोर्टेशन के बाद अब चावल के लदान को रेलवे की एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह पहल न केवल स्थानीय व्यापारियों को रेलवे के नेटवर्क से जोड़ेगी, बल्कि सड़क परिवहन (ट्रकों) के मुकाबले काफी सस्ती और सुरक्षित साबित होगी। इसके साथ ही यह पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगी। अंबाल मंडल नए माल यातायात स्रोतों को विकसित करने और ग्राहकों को समयबद्ध सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।