अंबाला सिटी। बैंक का कर्ज चुकाने के नाम पर लाखों रुपये लेने के बाद न तो पैसे लौटाए और न ही संपत्ति शिकायतकर्ता के नाम की। आरोपियों ने मिलीभगत कर हिमाचल के बद्दी में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) तैयार करवा संपत्ति को आगे बेच दिया और 19 लाख हड़प लिए। सेक्टर-9 थाने में पुलिस ने शिकायत और जांच के बाद मुख्य आरोपी समेत 6 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस को दी शिकायत में शारदा नगर निवासी देस राज ने बताया कि वर्ष 2013 में रजनीश खन्ना ने अपनी संपत्ति के संबंध में उनके साथ समझौता किया था। समझौते के तहत देस राज ने एसबीआई (पूर्व में एसबीओपी), जैन कॉलेज शाखा के ऋण को चुकता करने के लिए 19,00,000 (12 लाख और 7 लाख रुपये) दिए थे। तय शर्तों के मुताबिक रजनीश को या तो पैसे वापस करने थे या संपत्ति ट्रांसफर करनी थी, लेकिन वह वर्ष 2015 से अपने घर पर ताला लगाकर गायब हो गया।
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फर्जी फोटो और जाली हस्ताक्षर से तैयार कराई जीपीए
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी रजनीश खन्ना की फर्जी फोटो और हिंदी में जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर तहसील बद्दी (जिला सोलन, हिमाचल) में 15 अक्टूबर 2025 को गुरमीत कौर के पक्ष में एक फर्जी जीपीए तैयार करवा ली गई। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर जीपीए धारक गुरमीत कौर ने पहले अपने पति गुरमीत सिंह के नाम अंबाला में रजिस्ट्री करवाई और बाद में प्रॉपर्टी डीलरों के माध्यम से इसे राजन व अमित की पत्नियों के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।