अंबाला। निजी स्कूलों में नए सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। लेकिन सरकारी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया अभी भी जारी है। शिक्षा विभाग ने 31 जुलाई तक सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने की तिथि निर्धारित की हुई है। लेकिन बहुत से सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों के दाखिले के लिए संबंधित स्कूलों के शिक्षकों को पसीना बहाना पड़ रहा है।
इन स्कूलों में अभी तक छात्रों की संख्या बहुत कम है। लेकिन इन स्कूलों में हर हाल में छात्रों की संख्या भी 25 से ज्यादा करनी है, वरना इन स्कूलों पर ताला लटक सकता है। इसलिए शिक्षक इन दिनों अपने-अपने स्कूलों में छात्रों के दाखिले के लिए आसपास क्षेत्र व गांवों में अभिभावकों को अपने बच्चों को संबंधित सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
पहले भी बंद हो चुके हैं स्कूल
दरअसल, सरकार के एक सर्कुलर के तहत पहले भी वे स्कूल जिनकी संख्या 25 से कम थी, उन्हे अंबाला में बंद कर दिया गया था। इन स्कूलों की संख्या करीबन छब्बीस थी। लेकिन अभी इन स्कूलों को फिर से शुरू करने के लिए ग्राम पंचायतें लगातार प्रयासरत है। इन स्कूलों के कम बच्चों को दूसरे स्कूलों में मर्ज कर दिया गया था। अब फिर से ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए वे स्कूल जिनमें अभी तक बच्चों की संख्या कम है, उनके शिक्षक सरकारी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा दाखिला करवाने के लिए जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं। ताकि कम से कम सरकारी स्कूलों में 25 से ज्यादा बच्चे हों।
इसलिए आ रही है दिक्कत
दरअसल, सरकारी स्कूलों में सरकार दिल खोलकर फंडिंग कर रही है। छात्रों की सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये का बजट भी खर्च किया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकतर अभिभावकों का रुझान सरकारी स्कूलों की ओर नहीं है। अब मिड-डे मील और आयरन गोलियाें से बिगड़ी हालत व खराब रिजल्ट संबंधी मामले सामने आने की वजह से अभिभावक में संशय की स्थिति बनी हुई है। बहुत से ग्रामीण अभिभावक ऐसे हैं, जो अपने बच्चों को आसपास गांवों में ही निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजने लगे हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में स्थित सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत कम हुई है। इसी को लेकर जिला शिक्षा विभाग के अफसर थोड़े चिंतित है।
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प्राइमरी स्कूल में कम से कम पच्चीस से ज्यादा बच्चे होने चाहिए। अभिभावकों को सरकारी स्कूलों के प्रति सरकारी योजनाओं के बारे में बताकर उन्हे जागरूक किया जा रहा है। जिससे लोग अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा भी रहे हैं। इसी को देखते हुए दाखिला प्रक्रिया 31 जुलाई तक रखी गई है।
-डा. परमजीत शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला-