अंबाला। पुलिस सिक्योरिटी ब्रांच के दो पुलिस कर्मचारी को पुलिस कमिश्नर के नाम से जुआरियों और सटोरियाें से वसूली के आरोप में वीरवार को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई डीसीपी अंबाला ने कमिश्नर के आदेश पर की। विभागीय जांच के बाद दोनों पर कार्रवाई होगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अंबाला कैंट और महेशनगर थाने में दो सिक्योरिटी एजेंट तैनात है। इन सिक्योरिटी एजेंट का काम अपने-अपने थाना क्षेत्र की हर प्रकार की गतिविधि पर नजर रखना और उसकी जानकारी पल-पल डीसीपी को देना होता है। थाने में चल रही गतिविधियों से भी यह सिक्योरिटी एजेंट डीसीपी अंबाला को अवगत करवाते हैं। सिक्योरिटी एजेंट सादे पोशाक में ही रहते हैं।
लेकिन यहां इन सिक्योरिटी एजेंटों ने पिछले कुछ समय से कुछ अलग ही काम शुरू कर रखा था। यह सिक्योरिटी एजेंट खुद को कमिश्नर ऑफ पुलिस की सट्टा और जुआ को खत्म करने के लिए बनाई गई स्पेशल स्कॉवयड टीम का सदस्य बताने लगे। जुआरियों व सटोरियों को बताया जाता था कि यह सिक्योरिटी एजेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस को रिपोर्ट देते हैं कि कहां-कहां जुआ व सट्टा खेला जा रहा है। उसी रिपोर्ट के बाद उन स्थानों पर छापामारी होती है।
इसी बात को छिपाए रखने के लिए ये सिक्योरिटी एजेंट जुआरियों व सटोरियों से ‘वसूली’ करते रहते थे। पुलिस कमिश्नर को इस तरह की शिकायत कई दिनों से मिल रही थी। लेकिन जांच में वो सिक्योरिटी एजेंट सामने नहीं आ रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार विगत रात जैसे ही दोनों सिक्योरिटी एजेंटों ने जुआरियों व सटोरियों से वसूली की। तभी पुलिस कमिश्नर के ‘जासूसों’ ने उन्हें इसकी पुख्ता सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस कमिशनर कार्यालय से सूचना डीसीपी अंबाला को दी गई। डीसीपी अंबाला अशोक कुमार ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए दोनों सिक्योरिटी एजेंट को सस्पेंड कर दिया।
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कुछ शिकायतें ऐसी मिल रही थी। लेकिन इसकी पुष्टि होनी बहुत जरूरी थी। खैर, यह बात सामने आई कि दो सिक्योरिटी एजेंट कमिश्नर स्कॉवयड के मेंबर बनकर सटोरियों व जुआरियों से वसूली कर रहे हैं। डीसीपी अंबाला ने उन्हें सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
-राजबीर सिंह देसवाल, पुलिस कमिश्नर, अंबाला-