प्रस्तावित लीड
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नशे की गर्त में जा रहा अंबाला, बड़े सौदागर पकड़ से बाहर
- चूरापोस्त, गांजा और नशे की दवाइयों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल
- जिला में चिट्टे का कारोबार जमकर हो रहा, युवा वर्ग आ रहा चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। पुलिस के आंकड़े बता रहे हैं कि यदि अब नहीं संभले, तो अंबाला पूरी तरह से नशे की गर्त में जा सकता है। अंबाला में सबसे ज्यादा नशा चूरापोस्त, गांजा और नशे की दवाइयों का हो रहा है, जबकि इस खेल में शामिल नशे के बड़े सौदागर अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। चिट्टे के नाम से जाना जाने वाला नशा इन दिनों तेजी से युवाओं में पकड़ बना रहा है। इन के खिलाफ जनता भी पुलिस को शिकायतें दे चुकी है, लेकिन बावजूद इसके अभी भी इन इलाकों में नशे का पदार्थ आज भी धड़ल्ले से बिक रहा है। खास यह है कि अब यह नशा दवाइयों की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिस पर लगाम नहीं है।
यह है स्थिति
जिला अंबाला में नशे के मामले लगातार सामने आने के बावजूद अभी यह नशा सरेआम बेचा जा रहा है। अंबाला कैंट बारह क्रास रोड व इसके आसपास नशे के कारोबार को लेकर लोगों ने शिकायत दी थी। इस शिकायत पर कार्रवाई हुई, लेकिन यह धंधा फिर से शुरू हो चुका है। इसी तरह कैंट ओवरब्रिज के नीचे, बीआई मैस रोड, रंगिया मंडी, नन्हेड़ा, मिलाप नगर, रामकिशन कालोनी, कुम्हार मंडी, टांगरी बांध, हाउसिंग बोर्ड कालोनी के नजदीक डेहा कालोनी, खटीक मंडी सहित सिटी डेहा कालोनी हरि पैलेस रोड, नाहन हाउस, मनमोहन नगर, जलबेड़ा रोड, बलदेव नगर, साहा, मुलाना, बराड़ा, शहजादपुर, नारायणगढ़ के कई इलाकों में नशे का कारोबार किया जा रहा है।
नशे की दवाइयों की तस्करी एक साल में तेज हुई
आंकड़े बताते हैं कि नशे के कारोबार में उन दवाइयों की तस्करी ज्यादा होने लगी है, जिनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा है। साल 2017 में जहां 3860 गोलियां, 13 बोतल सिरप, 540 इंजेक्शन बरामद किए गए, वहीं साल 2018 में 26255 टेबलेट, 16114 कैप्सूल, 482 इंजेक्शन व 45 बोतल सिरप बरामद हुई हैं। उल्लेखनीय है कि एक साल में ही एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2017 में 84 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, वहीं साल 2018 में सितंबर तक 114 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
बड़े सौदागर अभी हैं पुलिस पकड़ से बाहर
पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत साल 2017 में जहां 84 लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं साल 2018 में 114 आरोपियों को दबोचा है। इसी तरह एक्साइज एक्ट के तहत पुलिस ने साल 2017 में 218 आरोपियों को पकड़ा, वहीं साल 2018 में 109 आरोपियों को दबोचा है। लेकिन इन मामलों में वे ही पकड़ में आए हैं, जिनके पास से यह नशा बरामद किया गया है। पुलिस अभी तक इस कारोबार में शामिल बड़े सौदागारों तक नहीं पहुंच पाई है। सूत्र बताते हैं कि यह नशा आसपास के राज्यों से आ रहा है, जबकि नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाइयां अंबाला से आगे पंजाब, हिमाचल तक तस्करी की जाती है।
आंकड़े
नशा 2017 2018
अफीम 3.310 किलो 5.384 किलो
चरस 2.760 किलो 810 ग्राम 750 एमजी
चूरापोस्त 1 क्विंटल 17.910 किलो 1 क्विंटल 39.513 किलो
स्मैक 124 ग्राम 295 एमजी 260 ग्राम 645 एमजीएम
गांजा 15.05 किलो 42.550 किलो
सुल्फा कोई नहीं 12.386 किलो 450 एमजीएम
ब्राउन शुगर/ 549 ग्राम 125 एमजी 245 ग्राम 42 एमी
हेरोइन
यह कहते हैं लोग
अंबाला कैंट के रहने वाले सुनील ठाकुर, प्रदीप कुमार, विनोद, जगदीश का कहना है कि अंबाला में नशा कई जगहों पर बिक रहा है। पुलिस कार्रवाई भी कर रही है, फिर भी अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। युवा पीढ़ी को बचाने के लिए नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना होगा। लोग जागरूक हो जाएंगे, तो यह बीमारी खुद ही खत्म हो जाएगी।
कोट
नशे के खिलाफ पुलिस ने अभियान चला रखा है, जिसके सकरात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इस अभियान में जनता का सहयोग भी चाहिए। दूसरी ओर नशे की चेन तोडने के लिए भी आसपास के राज्यों से सहयोग लिया जा रहा है। अंबाला से नशे को जड़ से खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं।
- अशोक कुमार, एसपी अंबाला