अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नगर निगम एवं श्मशान घाट कमेटी की लापरवाही मृतकों के अंतिम संस्कार पर भी भारी पड़ रही है। मॉडल टाउन श्मशान घाट में बुजुर्ग का शुक्रवार को अंतिम संस्कार करने के बाद जब शनिवार सुबह फूल (अस्थियां) उठाने के लिए परिवार के सदस्य पहुंचे तो पूरा श्मशान घाट बारिश के पानी से लबालब था। जिस स्थान पर बुजुर्ग को मुखाग्नि दी गई, वहां अस्थियां गंदे पानी में तैर रही थीं। यह देख बुजुर्ग के परिजनों के आंसू छलक पड़े।
आनन-फानन में श्मशान घाट में सेवादार को परिजनों ने मौके पर बुलाया जिसके बाद मॉडन टाउन श्मशान घाट समिति सदस्यों को फोन लगाए गए, मगर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर परिजन लोहे की जालियां एवं छलनी खरीदकर लाए जिसकी मदद से अस्थियां निकाली गईं। परिवार ने समिति सदस्यों पर लापरवाही श्मशान घाट में पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं करने के आरोप जड़े। उधर, श्मशान घाट में पानी भरने की वजह से समिति ने यहां दाह संस्कार पर रोक लगा दी है। इस वजह से शनिवार को अंतिम संस्कार के लिए लाए गए दो शवों का दाह संस्कार नहीं हो सका। उन्हें किसी अन्य श्मशानघाट भेजा गया। बीते 24 घंटे से हो रही बारिश की वजह से श्मशान घाट शनिवार सुबह पानी से लबालब था।
सुबह नौ बजे मॉडल टाउन निवासी इंद्रजीत सिंह अपने परिजनों के साथ फूल उठाने के लिए श्मशान घाट में पहुंचे थे। उनके चाचा 64 वर्षीय मॉडल टाउन निवासी नरेंद्र सिंह नरूला की बीमारी के बाद शुक्रवार को मृत्यु हो गई थी। उनका संस्कार शुक्रवार शाम को किया गया था।
यह लगाए परिजनों ने आरोप
मृतक के भतीजे इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अंतिम संस्कार किए जाने वाले शेड के नीचे घुटनों तक पानी था और अस्थियां इस पानी में यहां-वहां बह रही थीं। जब उन्होंने इस बारे में श्मशान घाट की देखरेख करने वाली कमेटी से बात की तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। अस्थियां चुनने के लिए श्मशान घाट में कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय करके अंबाला कैंट से छलनी तैयार करवाकर लाए जिसके बाद पानी में तैरती अस्थियां चुनीं। जितनी अस्थियां मिलीं केवल उतनी ही लेकर प्रवाहित करने के लिए परिजन कीरतपुर साहिब रवाना हुए। अस्थियां निकालने में ही परिवार को तीन घंटे लग गए।
पहले भी आता था पानी
बताते हैं कि श्मशान घाट में पानी पहले भी आता था, मगर जहां पर दाह-संस्कार किया जाता है वहां तक पानी मार नहीं करता था, मगर इस बार पानी पूरे श्मशान घाट में भर गया था। श्मशान घाट के सेवादार चमनलाल ने बताया कि पहले भी यहां पानी भर जाता था। चमनलाल ने बताया कि यहां पर एक प्रेशर पंप है जिसे निगम के कर्मचारी चलाते नहीं हैं। इसी कारण यहां पानी भर गया।
यह बोले- श्मशान घाट समिति के प्रधान
जलभराव की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे मॉडल टाउन श्मशान घाट समिति के प्रधान वरिंदर सिंह निक्कू ने बताया कि आसपास की कॉलोनियों का बरसाती पानी श्मशान घाट के पास इकठ्ठा होने लगा है और बहुत समय से यहां नगर निगम ने प्रेशर पंप भी नहीं चलाया है। इसी वजह से दिक्कत आ रही है। शेड को एहतियातन शिकंजा डालकर ढक दिया गया था, ताकि अस्थियां यहां वहां न बहें। मौसम ठीक होते ही यहां काम शुरू करवा दिया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान यहां अंतिम संस्कार नहीं होगा। तब तक शहर के सिटी पार्क के साथ वाले श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की व्यवस्था रहेगी।