फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव गदौली में मारकंडा ओवरफ्लो होने से खेतों में आया पानी,

विज्ञापन
विज्ञापन
नारायणगढ़/अंबाला कैंट। हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते क्षेत्र की नदियां उफान पर है। नदियों में आए पानी से शनिवार जहां जलस्तर बढ़ गया वहीं क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन से भारी भूमि कटाव हो रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी रोष भी पनप रहा है। इतना ही नहीं गांव गदौली में मारकंडा नदी उफान पर होने से नदी का पानी ओवर फ्लो होकर खेतों में आ गया। यदि पहाड़ों से और पानी आता है तो आने वाले समय में किसानों का और नुकसान होना तय है। दूसरी ओर मारकंडा के अलावा रूण और बेगना नदी में भी पानी आ गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने अभी आगामी दिनों में पहाड़ों में और बारिश की चेतावनी दी है जिससे नदियां पानी से लबालब हो सकती हैं।
विज्ञापन

नारायणगढ़ क्षेत्र में गांव रसौर के अलावा डैहर, गदौली, खानपुर राजपुतान में स्थिति खराब होने लगी है। रूण और मारकंडा गांव रसौर में आपस में मिलती है। दोनों नदियों में पानी ज्यादा आने पर दिक्कत होती है। गांव के करनैल सिंह व पवन कुमार का कहना था कि नदियों में रात्रि से ही पानी एकाएक बढ़ना आरंभ हो गया है। बीती शाम नदी में जलस्तर नीचे था, तड़के से यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है। गांव डैहर के ओमपाल व रामपाल राणा का कहना था कि उनके क्षेत्र में मारकंडा नदी व रूण नदी पड़ती है जो कि मौजा डैहर में आकर आपस मे मिल जाती है जहां पानी का दबाव अधिक बढ़ जाता है। गांव डैहर में हो रहे अवैध खनन के चलते उनकी भूमि का कटाव भी हो रहा है लेकिन प्रशासन का इस और कोई ध्यान नहीं है। नो माइनिंग जॉन होने के चलते खनन माफिया इस क्षेत्र में ज्यादा हावी है जो कि प्रशासन की मिलीभगत या बेरुखी का कारण है। अवैध खनन के चलते भूमि कटाव हो रहा है।
अवैध खनन से भूमि कटाव
गांव गदौली के सरपंच सुखदेव सैनी व ग्रामीण जसमत सिंह, राजू, सोमनाथ, लक्ष्मी चंद, राकेश कुमार व लज्जा राम आदि का कहना था कि पहले भी 2012-13 में मारकंडा नदी में आए उफान से उनके मौजा के गांव चमेल माजरा में बनी पटड़ी को तोड़ दिया था। उसके बाद विभाग ने यहां काफी इंतजाम किए थे, मगर अब क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के चलते मारकंडा नदी में आए तेज पानी से उनके गांव में भारी भूमि कटाव हो रहा है जिस कारण उनकी जमीन का तो नुकसान हो ही रह है। नदी का पानी खेतों में आ गया है जिससे स्थिति और खराब हो रही है। यदि नदी का पानी ओवर फ्लो हुआ तो पानी उनके गांवों को भी अपनी चपेट में ले लेगा।
विज्ञापन

बेगना नदी में पानी से परेशानी
वहीं दूसरी और बेगना नदी में आए पानी से नुकसान की संभावनाएं होने लगी हैं। गांव खानपुर के सुशील कुमार, राम कुमार, रामकरण आदि का कहना है कि उनके गांव के समीप बह रही बेगना नदी में खनन इतना ज्यादा किया जा रहा है कि गांव की पंचायती भूमि और मालिकान भूमि में खड़े पेड़ गिरने की कगार पर है लेकिन प्रशासन इस ओर बिल्कुल भी कोई ध्यान नहीं दे रहा।
टांगरी में भी आया पानी, सामान समेटने में लोग
उधर, कैंट के साथ लगती टांगरी नदी में भी शनिवार सुबह पानी आ गया। जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। नदी तल में बसी कालोनियों में कई घरों में मामूली पानी आया है जिससे यहां बसे लोग अब अपना सामान तक समेटने लगे हैं। इतना ही नहीं यदि और बारिश होती है तो यहां बसी कालोनियां जलमग्न तक हो सकती है। बता दें कि बीते वर्ष भी पहाड़ों में जोरदार बारिश के बाद नदी में स्थित घरों में पानी आ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें