प्रतिमा हटाने पर एक पक्ष ने दिया गांव छोड़ने का अल्टीमेटम
गांव अहमदुपर में डा. अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने का विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। गांव अहमदपुर में गोचरांद की जमीन पर डा. अंबेडकर प्रतिमा लगाने का विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को अनुसूचित जाति के लोगों ने जहां तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, वहीं सात अगस्त तक विवाद सुलझाने को भी कहा। साथ ही यह अल्टीमेटम भी दिया यदि प्रतिमा हटाने या खंडित करने की कोशिश की गई, तो सभी पलायन कर जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि गांव अहमदपुर में डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर ग्रामीणों के बीच उपजे विवाद को प्रशासन एक सप्ताह बाद भी सुलझा नहीं पाया है। पंचायत व शिकायतकर्ता पक्ष जहां इसे गोचरांद की भूमि बता रहा है, वहीं प्रतिमा लगाने वाले इसको नकारते हुए बंजर बता रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 72 के नजदीक लगाई गई बाबा साहेब की प्रतिमा के पास ग्रामीणों ने डेरा भी डाल रखा है।
शुक्रवार को डा. भीमराव अंबेडकर भवन कार सेवादल अहमदपुर के बैनर तले लोगों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। इस में दावा किया गया है कि यह जगह गोचरांद नहीं है। गांव की 80 फीसदी आबादी इस जगह पर डा. भीमराव अंबेडकर भवन एवं सुंदर पार्क का निर्माण करना चाहती है। गांव के ही कुछ लोगों ने जानबूझ कर विवाद पैदा कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन व सरकार को चेताते हुए कहा गया है कि अगर 7 अगस्त तक इस विवाद को न सुलझाया या फिर प्रतिमा स्थल से बाबा साहेब की प्रतिमा को हटाने या खंडित करने का प्रयास किया तो अनुसूचित वर्ग के लोग इस अपमान को नही सहेंगे व सामूहिक पलायन कर देंगे। इससे पहले रोष मार्च निकाला गया, जबकि तहसीलदार रमेश अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा गया।