कोरोना के कारण बंद हुई ट्रेनों के दोबारा चलने की आस बंध गई है। रेलवे मंत्रालय के आदेश पर उत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय की तरफ से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। इसमें 10 अप्रैल तक 90 प्रतिशत ट्रेनों के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। ट्रेनों के चलने से लंबे समय से परेशान यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
मंत्रालय के आदेश पर मंडल प्रबंधक सहित विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ ट्रेेनों का प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर भेजा गया है, इसमें कालका से शिरडी के बीच चलने वाली ट्रेन भी शामिल हैं। वहीं, आगामी दिनों में कुछ ओर ट्रेनों का प्रस्ताव भी मंडल द्वारा भेजा जाएगा। महाप्रबंधक कार्यालय से आए आदेशों के तहत 10 अप्रैल से 90 फीसदी ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी जाए। इन आदेशों के तहत मंडल में लगभग 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो कोविड-19 नियमों की अनुपालना के तहत आगामी दिनों में चलने वाली ट्रेनों में सिर्फ आरक्षित टिकट यात्रियों को ही सफर की अनुमति होगी। वहीं, कुछ ट्रेनों में करंट टिकट की सुविधा भी मिलेगी। रेलवे ने संबंधित विभाग को तैयारियां पूरी करने के आदेश दिए हैं।
लगभग 300 ट्रेनों का होता था संचालन
उत्तर रेलवे का अंबाला मंडल चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली से जुड़ा हुआ है। कोरोना काल से पहले मंडल से रोजाना लगभग 300 ट्रेनों का आवागमन होता था और लगभग 70 से 80 हजार यात्री इन ट्रेनों में सफर करते थे, लेकिन अनलॉक तीन के तहत मौजूदा समय में अभी लगभग 100 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अभी भी कुछ प्रमुख स्टेशन को जाने वाली ट्रेनों का संचालन नहीं हो पाया है।
पांच मंडल प्रबंधकों को दिए निर्देश
उत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय के संबंधित विभागीय अधिकारी सीपीटीएम समीर कुमार द्वारा जारी आदेशों में बताया गया है कि मंडल 10 अप्रैल से पहले 90 प्रतिशत ट्रेनों का संचालन आरंभ कर दें। संबंधित विभाग रेल कोच, डीजल लोको और इलेक्ट्रिक लोको सहित अन्य जरूरी इंतजाम जल्द पूरा कर लें, ताकि रेलवे बोर्ड के आदेशों की पालना की जा सके। यह निर्देश रेल प्रबंधक दिल्ली मंडल, अंबाला मंडल, फिरोजपुर मंडल, लखनऊ मंडल और मुरादाबाद मंडल को दिए गए हैं।
रेलवे बोर्ड की तरफ से आदेश प्राप्त हुए हैं कि 10 अप्रैल तक सभी मंडल 90 प्रतिशत ट्रेनों का संचालन आरंभ कर दें। इसकी जानकारी पांचों मंडल को भेजी गई है, ताकि वह समय रहते तैयारी कर सकें।
- दीपक कुमार, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे।