संवाद न्यूज एजेंसी
जलबेड़ा। जिले के नग्गल थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरू गांव निवासी एक किसान से उनके छोटे बेटे को अमेरिका का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये हड़पने का संगीन मामला सामने आया है। आरोपियों ने काम न होने पर रकम लौटाने से इन्कार कर दिया और पीड़ित परिवार को जान से मारने व हाथ-पैर तोड़ने की धमकियां दीं।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शिखावत के आदेश पर हुई जांच के बाद पुलिस ने अमेरिका में बैठे मुख्य संचालक समेत कुल चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। घाघरू निवासी अजैब सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका छोटा बेटा हसन खेती-बाड़ी में हाथ बटाता है और अमेरिका जाना चाहता था। मई 2025 में हसन ने सोशल मीडिया पर एनएआई इमिग्रेशन सेंटर, खन्ना (पंजाब) का विज्ञापन देखा। इसका मुख्य संचालक हरमन अमेरिका में बैठकर नेटवर्क चलाता है।
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित और उनका बेटा 24 मई 2025 को खन्ना स्थित दफ्तर पहुंचे। वहां मौजूद बलप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह और परमप्रीत कौर ने 35 लाख रुपये में अमेरिका का बिजनेस/वर्क वीजा लगवाने का दावा किया। बातचीत के बाद 9 लाख रुपये एडवांस देना तय हुआ। 28 मई 2025 को खन्ना तहसील में एग्रीमेंट के समय आरोपी बलविंदर सिंह (निवासी कादों, लुधियाना) को 4 लाख रुपये नकद दिए गए। फिर बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में अलग-अलग तारीखों में कुल 5 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए भेजे गए।
रुपये वापस मांगने पर दी धमकी
10-11 महीने बीत जाने के बाद भी जब वीजा नहीं लगा, तो पीड़ित परिजनों ने आरोपियों से संपर्क किया। आरोपियों ने काम न होने की बात कहते हुए पैसे वापस करने से मना कर दिया। विरोध जताने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से ही आरोपियों के मोबाइल बंद आ रहे हैं और खन्ना स्थित इमिग्रेशन सेंटर पर ताला लटका हुआ है।
आरोपी हरमन, बलप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, परमप्रीत कौर व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक विश्वासघात 316(2), धोखाधड़ी 318(4), जान से मारने की धमकी 351(2) और समान मंशा 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है। - जसबीर सिंह, जांच अधिकारी, नग्गल थाना।