20 साल पहले जमीन हुई थी एक्वायर, सालों से रह रहे परिवार को बाहर तोड़ा मकान
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के नारायणगढ़ रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कालोनी में 20 साल पहले एक्वायर जमीन पर बने मकान को मंगलवार को पुलिस और प्रशासन ने गिरा दिया। इस दौरान पीड़ित व अधिकारी के बीच बहस भी हुई, लेकिन सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी सुच्चा सिंह ने 21-10-85 को मकान का नक्शा पास करवाया था। इसके तीन साल बाद ही सरकार ने इस जगह को एक्वायर करने का निर्णय लिया। इसके बाद वे तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. भजनलाल से मिले तो उन्होंने पत्र लिखकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी विभाग को यह कहा गया था कि अगर उक्त मकान का नक्शा पास है तो विभाग परिवार को देखते इन्हें कही न कही एडजस्ट करें। इस दौरान सुच्चा सिंह का निधन हो गया। करीब 18 साल बाद विभाग ने नोटिस भेज दिया। परिवार में सुच्चा सिंह की पत्नी बलबीर कौर, उनका बेटा राजबीर व दूसरा बेटा अजीत तथा बेटे की बहू गुरप्रीत तथा पोते समर, विनीत व दलजीत हैं। जब वे हाउसिंग बोर्ड के कार्यालय में गए तो उन्हें यह कहा गया कि तुम्हारी जगह एक्वायर हो चुकी है। तुम्हें इसका 30 हजार रुपये मुआवजा दिया जा सकता है। पीड़ित एकदम सकते में आ गए कि जिस 2 करोड़ की जगह पर उन्होंने दुकानें व मकान बनाया हुआ है उसका मुआवजा उन्हें मात्र 30 हजार रुपये दिया जा रहा है। हारकर परिवार ने अदालत की शरण ली।
पीड़ितों का कहना है कि अदालत में अभी उनके केस की सुनवाई चल ही रही थी कि अचानक चार दिन पहले विभाग के ही कुछ कर्मचारी उनके घर के बाहर नोटिस लगा कर चले गए जिसमें 12 मार्च तक उन्हें मकान में रखे सामान को बाहर निकालने बारे कहा गया था। मंगलवार को हाउसिंग बोर्ड कालोनी विभाग के एक्सईएन अनिल कुमार अपने विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों व पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और आन- फानन में तुंरत मकान को खाली करने बारे निर्देश दिए। परिजनों ने बाकायदा अधिकारी को अदालत में विचाराधीन केस की कॉपी भी दिखाई, लेकिन मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कहा कि अगर अदालत से कोई स्टे हुआ है तो कॉपी दिखाएं वरना कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अपील को ठुुकराते हुए सरकारी आदेशों पर पूरे मकान को ध्वस्त कर दिया गया।
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जेसीबी के आगे लेटी महिलाएं, कहा मकान के बाहर ही रखेंगे समान
मकान तोड़ने पहुंची प्रशासन व पुलिस की टीम का पीड़ित पक्ष ने विरोध किया। इस दौरान अधिकारियों से जमकर बहस हुई। महिलाएं जेसीबी के सामने आकर भी लेट गईं। किसी तरह उन्हें हटाया गया फिर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पीड़ित पक्ष से बलबीर कौर ने कहा कि इस मकान में काफी सालों से रह रहे हैं। सारा सामान मकान के बाहर ही रहेगी। इसे हम नहीं हटाएंगे, वहीं एक्सईएन ने बताया कि काफी समय से नोटिस भेजा जा रहा था। चार दिन पहले भी नोटिस चस्पां किया गया था।
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पहले ही नोटिस भेज दिया गया था। सरकारी आदेशों के हिसाब से मकान को ध्वस्त किया गया है।
- अनिल कुमार, एक्सईएन, हाउसिंग बोर्ड कालोनी