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कानून ताक पर रखकर की रजिस्ट्री, एसडीएम, नायब तहसीलदार, पटवारी व नंबरदार के खिलाफ दी शिकायत

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कानून ताक पर रख की रजिस्ट्री, एसडीएम, नायब तहसीलदार, पटवारी और नंबरदार के खिलाफ शिकायत
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अमर उजाला ब्यूरो
बराड़ा। यहां रजिस्ट्री कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। मुलाना निवासी राजीव गोयल ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ने उपभोक्ता की जमीन का मुतनाजा किए गए इंतकाल को बिना सुनवाई मंजूर कर दिया। साथ ही मुलाना तहसीलदार ने रेवेन्यू विभाग के कायदे कानून ताक पर रख इसकी रजिस्ट्री भी कर दी। आरोप है कि इस मिलीभगत में एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, नायब तहसीलदार मुलाना अमित वर्मा, पटवारी मुलाना बालक राम और नंबरदार विनोद कुमार ने दूसरे पक्ष से लाखों रुपये की रिश्वत ली है। गोयल ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल खट्टर, डीजीपी हरियाणा और डीसी अंबाला को पत्र के माध्यम से शिकायत कर मामले का खुलासा किया और इसकी विजिलेंस जांच की मांग की।
गोयल ने बताया कि उसकी जमीन करीब 30 कनाल चनारथल पट्टी मुलाना में है। उसी जमीन पर दूसरा पक्ष अपनी जमीन होने का दावा कर रहा है। इस केस में एसडीएम गिरीश ने जमीन पर स्टे ऑर्डर कर दिए, जिसके बाद उन्होंने 21 दिसंबर 2017 को मुतनाजा इंतकाल घोषित कर दिया था। कोर्ट में विचाराधीन मामले की फाइल मंगवाने के बाद एसडीएम ने 15 फरवरी 2018 की तारीख दे दी। शिकायतकर्ता के अनुसार वह कोर्ट में तारीख पर शाम पांच बजे तक बैठा रहा, लेकिन कोई सुनवाई या तारीख नहीं दी गई। जब वह घर चला गया तो किसी परिचित ने जानकारी दी कि इस जमीन की मुलाना तहसील में रजिस्ट्री हो रही है। गोयल ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार ने इस विवादित जमीन की रजिस्ट्री कर दी और नायब तहसीलदार सहित एसडीएम, पटवारी और नंबरदार ने रजिस्ट्री करवाने में लाखों रुपये की रिश्वत ली है।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
शिकायतकर्ता राजीव गोयल ने जो आरोप लगाए हैं, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वह पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम हरियाणा, डीसी अंबाला और विजिलेंस से न्याय की मांग कर रहा है।
कोट्स
राजीव गोयल झूठ बोल रहा है। रजिस्ट्री कायदे कानून को ध्यान में रखकर की गई है। हमने कोई पैसा नहीं लिया है। सारा केस सही है। रजिस्ट्री हो सकती थी, तभी की गई है।
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-अमित वर्मा, नायब तहसीलदार, मुलाना।
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कोर्ट केस में जो निर्णय लिया गया है, वह दोनों पक्ष के सभी पहलू को देखकर लिया गया है। अगर राजीव गोयल इससे संतुष्ट नहीं हैं तो अगली कोर्ट में जा सकता है। उसे हक है। रही बात रजिस्ट्री की एवज में पैसा लेने की बात तो वह झूठ बोल रहा है।
-गिरीश कुमार, एसडीएम, बराड़ा।
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इस समय मुझे ध्यान नहीं है। शिकायत आई होगी तो उसकी जांच कर मैंने डीसी को भेज दी होगी।
-कैप्टन शक्ति सिंह, एडीसी, अंबाला।
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