फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चक्का जाम से मुसाफिर रहे परेशान, शाम को डिपो से बसें निकालने पर हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
चक्का जाम से मुसाफिर रहे परेशान, शाम को डिपो से बसें निकालने पर हंगामा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी/कैंट। रोडवेज यूनियनों ने रोड सेफ्टी बिल व 720 बसों के ठेके पर लेने के विरोध में पूर्ण रूप से चक्का जाम करते हुए मंगलवार को बसें नहीं चलाईं। अंबाला सिटी स्थित रोडवेज डिपो के बाहर, अंबाला छावनी बस स्टैंड व नारायणगढ़ में रोडवेज के चालकों व परिचालकों ने इस हड़ताल में भाग लिया। आंदोलन संयुक्त तौर पर रामप्रकाश प्रधान इंटक, विजेंद्र उपप्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान रमेश श्योकंद के नेतृत्व में हुआ। हालांकि शाम को जीएम के आदेश पर 12 बसों को रूट पर भेज दिया गया जिस पर कर्मियों ने हंगामा किया लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।
केंद्रीय नेता जयबीर घनघस, रमन सैनी, इंदर सिंह बधाना ने कहा कि केंद्र सरकार रॉड सेफ्टी बिल वापस ले और हरियाणा सरकार 720 बसें जो किलोमीटर स्कीम पर चलाई जानी हैं, उसकी पॉलिसी को रद्द करे। इसके अलावा जनता के हित में रोडवेज के बेड़े में 15 हजार नई बसें शामिल की जाएं। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि जनता को बेहतर परिवहन सुविधाएं भी मिलेंगी। रोडवेज के चक्का जाम को देखते हुए अंबाला प्रशासन ने सुबह से ही डिपो परिसर व बस स्टैंड अंबाला छावनी के पास भारी पुलिस बल, फायर बिग्रेड की गाड़ियां तैनात कर दी थीं। हालांकि चक्का जाम होने के बावजूद पूरा दिन इस आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर डीसी अंबाला ने इस आंदोलन को लेकर धारा 144 लगाई थी, लेकिन इस धारा का असर कहीं भी देखने को नहीं मिला। आंदोलन पूर्ण रूप से चलता रहा। अंबाला छावनी बस स्टैंड पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार हवा सिंह की देखरेख में डीएसपी बलजीत सिंह की देखरेख में थाना प्रभारी व पुलिस फोर्स मौजूद थी। इस दौरान रोडवेज कर्मचारी देवेंद्रपाल, वेद प्रकाश, राजेंद्र सोलंकी, राजेंद्र मुलाना, अरविंद मुलाना, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

डिपो में खड़ी रही बसें
हड़ताल के चलते बहुत बसें डिपो में ही खड़ी रहीं। रोडवेज अधिकारी ने बताया कि इस वक्त अंबाला डिपो में कुल 159 बसें हैं, जिनमें से 35 बसें गत रात्रि से पंजाब, हिमाचल और रोहतक रूट पर रवाना कर दी गई थीं जो हड़ताल के चलते अभी तक नहीं आईं। उन्होंने बताया कि 100 बसें मंगलवार को डिपो में ही खड़ी रहीं। शेष बसें मेंटेेनेंस के लिए खड़ी थीं।
10 लाख का नुकसान
रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि रोजाना रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं हरियाणा रोडवेज को भी राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि रोजाना अंबाला डिपो में 15 लाख के करीब राजस्व आता है, लेकिन मंगलवार को हड़ताल के चलते करीब 10 लाख रुपये का विभाग को नुकसान हुआ है। हड़ताल की वजह से यात्रियों को परेशानी तो हुई, लेकिन यात्रियों ने परेशान होने से बेहतर रेल में सफर कर अपने गंतव्य पर पहुंचना बेहतर समझा। स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ रही।
शाम होते-होते फीका पड़ा हड़ताल का विरोध
मंगलवार को रोडवेज की हड़ताल का असर शाम होते-होते फीका पड़ना शुरू हो गया। मंगलवार शाम को पहले तो जीएम मीनाक्षी दहिया व तहसीलदार कनब लाकड़ा हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को समझाने पहुंचे, लेकिन कर्मियों ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद शाम करीब 6 बजे 12 बसों को रूट पर भेज दिया गया। हालांकि इस दौरान हड़ताल पर बैठे कर्मियों द्वारा इन बसों को रोकने का प्रयास भी किया गया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने माहोल को शांत बनाए रखा और बसों को बिना किसी नुकसान के बाहर निकलने दिया। इस दौरान बलदेव नगर थाना के एसएचओ रजनीश यादव कमान संभाले हुए थे। मंगलवार शाम को चंडीगढ़, दिल्ली, लुधियाना, अकालगढ़, बढ़ोला, तेजा मोड़ी, निहारसी, कालका व कुछ और अन्य स्थानों के लिए बसें जीएम के आदेश के बाद रूट पर निकाल दी गईं। हालांकि इसके बाद भी हड़तालियों का रोष चलता रहा। वहीं हड़ताल के चलते यात्रियों को प्राइवेट बसों की छत पर बैठकर सफर करने पर मजबूर होना पड़ा।
यह बोले यात्री
- सलवानी लक्सर से इस्माइलाबाद अपने रिश्तेदारी में अपनी पत्नी व बच्चे संग जा रहे मोहम्मद नवाब सलवानी ने बताया कि उन्हें इस्माइलाबाद अपनी रिश्तेदारी में आना था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि बसों की हड़ताल है तो उन्हें ट्रेन का सफर तय कर अंबाला आना पड़ा। अंबाला पहुंचने के बाद उन्हें इस्माइलाबाद जाने के लिए प्राइवेट वाहन का सहारा लेना पड़ा।
- अंबाला कैंट लक्की विहार निवासी दीपक ने बताया कि उसने शिमला जाना था, दो घंटे से बस नहीं आई और इस वजह से अब वह वापस घर आ रहा है।
- कैंट निवासी सिमरन ने कहा कि करनाल जाने के लिए उसे रोडवेज बस नहीं मिली है। डेढ़ घंटे से वह कैंट बस स्टैंड पर खड़ा है।
- शाहाबाद निवासी छात्र राहुल ने बताया कि घर जाने के लिए उसे बस नहीं मिली जिस कारण परेशानी हो रही है। ऑटो वाले ज्यादा पैसे मांग रहे हैं।
- फरीदाबाद निवासी गंगा लाल चौहान ने बताया कि फरीदाबाद के लिए उसे एक घंटे से कोई बस नहीं मिली इस कारण उसे परेशानी हो रही है।
- नारायणगढ़ निवासी दिव्यांग जोगिंद्र ने बताया कि उसे पीजीआई जाना है और सुबह साढ़े आठ से लेकर 12 बजे तक उसे बस नहीं मिली।
शहजादपुर। छात्रा गुरप्रीत कौर शहजादपुर अनु, रिंकी, मीना आदि का कहना था कि वह सुबह साढ़े आठ बजे शहजादपुर बस अड्डा से अपने-अपने कॉलेज नारायणगढ़, अंबाला कैंट जाती हैं। हड़ताल के चलते प्राइवेट बसों में भीड़ है व मैक्सी कैब भी ओवरलोड चल रही हैं।
विज्ञापन

नारायणगढ़। नारायणगढ़ सब डिपो में बसों का चक्का जाम रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। संघर्ष समिति के नेता अनील कुमार व प्रधान अमरनाथ सैनी की अध्यक्षता में किए गए इस चक्का जाम के बाद कर्मचारियों की बैठक हुई जिसका संचालन सचिव सत्यापाल राणा द्वारा किया गया। मौके पर सर्व कर्मचारी संघ से सुभाष धीमान, सतनाम सिंह, कुलदीप सैनी, महासंघ से धर्मपाल शर्मा, विरेंद्र धीमान, सीटू से कामरेड टेकचंद व सुशील, महिपाल राणा, अनिल परिचालक, हरमिंद्र चालक, सुभाष शहजादपुर, अमित परिचालक, विजय चालक, सुरेश चालक आदि ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें