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21.6 एमएम बारिश से आठ डिग्री गिरा पारा, गेहूं के लिए टॉनिक, दो दिनों तक और हो सकती है बूंदाबांदी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
रविवार अल सुबह करीब तीन बजे बूंदाबांदी से शुरू हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर रौनक बढ़ा दी। सोमवार दोपहर बाद तक हुई बारिश से आमजन को जरूर परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन दिन में तापमान बढ़ने से गेहूं में कम फुटाव होने से चिंतित किसानों के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद है। जिला में सोमवार को 21.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अभी दो दिनों तक और बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि तेज हवाओं के कारण कई खेतों में फसल बिछ गई, लेकिन कृषि विशेषज्ञ इसे नुकसानदायक नहीं बता रहे हैं। 21.6 एमएम बारिश से एक ही दिन में अधिकतम पारा करीब आठ डिग्री तक लुढ़क गया। रविवार को हुई बारिश के कारण लोगों को फिर सर्दी का अहसास हुआ। मात्र एक ही दिन में अधिकतम पारा करीब आठ डिग्री तक लुढ़क गया। रविवार को अधिकतम तापमान जहां 25.7 डिग्री रिकार्ड किया गया था, वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री नीचे है। वहीं मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को जहां आसमान में बादल छायेंगे, वहीं बारिश की उम्मीद है। इसी तरह बुधवार को आसमान में बादल तो छायेंगे जबकि बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद आसमान साफ रहेगा और लोगों को राहत मिलेगी।

गेहूं की फसल पर बढ़ रहा था खतरा
इससे पहले दिन का पारा लगातार बढ़ रहा था जिससे गेहूं की फसल पर पीला रतुआ के प्रकोप की आशंका थी। इसको लेकर किसानों की चिंता बढ़ रही थी, वहीं फसल पर भी खतरा मंडरा रहा था। रविवार अल सुबह करीब तीन बजे बूंदाबांदी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तेज बारिश में बदल गई। सुबह करीब नौ बजे तक अच्छी खासी बरसात हुई, जबकि इसके बाद दोपहर दो बजे तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही।
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यह कहते हैं किसान
किसान राजबीर सिंह, पवन गुप्ता, महेंद्र सिंह, राजकिशोर, हरजिंदर सिंह, करनैल सिंह, बलकार सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए जिस तरह से पारा बढ़ रहा था, उससे गेहूं का फुटाव कम होता और पीला रतुआ का अटैक भी हो गया था। इसी कारण से चिंताएं थीं कि यदि बारिश न हुई, तो गेहूं की फसल के लिए खतरा है। फिलहाल जिस तरह से बारिश हुई, उससे काफी राहत मिली है, जबकि यह एक तरह से टॉनिक का काम करेगी।

यह बोले कृषि अधिकारी
यह बरसात गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। जिस तरह से पीला रतुआ की गेहूं पर अटैक की आशंका थी, उसे इस बारिश ने धो दिया है। साथ ही अन्य छोटी बीमारियों को भी धो दिया। एक तरह से गेहूं के लिए यह बारिश टॉनिक की तरह है। - जसविंदर सिंह, कृषि अधिकारी, शहजादपुर

बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
एक ओर बारिश और दूसरी ओर समय पर स्कूल पहुंचना। इस दौरान कई बच्चे जूते आदि पॉलीथिन बैग में डाल स्कूल पहुंचे। स्कूल के समय तेज बारिश होती रही, जबकि बारिश न रुकने के कारण इन बच्चों को बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा। राहत भरी बात यह रही कि स्कूल से छुट्टी के दौरान बारिश थम गई, जिससे बच्चों ने राहत की सांस ली।

बारिश के कारण सड़कों के किनारे जलभराव की स्थिति रही, जबकि बाजारों में कीचड़ का आलम रहा। उन सड़कों का बुरा हाल रहा, जिनको निर्माण कार्य के चलते तोड़ा गया था और उसे इसी तरह छोड़ दिया गया। कैंट की सब्जी मंडी, सदर बाजार, बस स्टैंड के आसपास, पुराना बर्फखाना सहित कई इलाकों में कीचड़ हो गया और आवाजाही काफी मुश्किल भरी रही।
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बराड़ा में भी बरसात के कारण परेशानियां खड़ी हो गईं। पानी निकासी न होने के कारण गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में सीवरेज का काम चल रहा है, जिस कारण गलियों में पाइप डाले जाने के कारण जगह खोदी हुई है। इसमें पानी भर जाने से वाहन नहीं निकाले जा सके। महिंद्र कुमार, तरसेम और जिप्पी ने बताया कि करनाल कालोनी, शिव कालोनी, हरगोबिंदपुरा व बीडीपीओ कालोनी सहित कई कालोनियों में पानी भर जाने से आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
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