दोपहर बाद पोर्टल बंद होने के कारण लोगों को फिर से झेलनी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पांच दिन बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त होते ही जिले की तहसीलों और उप-तहसीलों में चहल-पहल देखने को मिली। कामकाज ठप होने से परेशान जनता ने राहत की सांस ली और सुबह से अपने लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए पहुंचे।
बुधवार को जिले में 78 रजिस्ट्रियां की गईं। हड़ताल के कारण जो काम अटके हुए थे, उन्हें निपटाने के लिए अधिकारियों ने मोर्चा संभाला लेकिन दोपहर को पोर्टल बंद होने के कारण लोगों के काम फिर से अटक गए। अंबाला सिटी तहसील में सबसे ज्यादा 32 रजिस्ट्री और अंबाला छावनी तहसील में सबसे कम 5 रजिस्ट्री हुईं।
बराड़ा तहसील में 22 रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं। इसके अलावा उप-तहसील साहा में 12 लोगों ने अपनी भूमि के दस्तावेज पंजीकृत कराए। साथ ही शहजादपुर की उप तहसील में 9 रजिस्ट्रियां हुईं। अंबाला छावनी तहसील में सबसे कम पांच रजिस्ट्री हुईं। नारायणगढ़ तहसील में नायब तहसीलदार के अवकाश पर होने के कारण एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रभावित हो गए थे काम
बीती 5 फरवरी से तहसीलदार और नायब तहसीलदार मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। पांच दिनों तक चले इस गतिरोध के कारण न केवल जमीन की रजिस्ट्री रुकी हुई थी, बल्कि इंतकाल, डोमिसाइल और अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़े काम भी पूरी तरह प्रभावित थे।
नहीं हो पाई रजिष्ट्री
महेश नगर निवासी रमेश ने बताया कि वह पांच दिन से रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे थे, बुधवार को दोपहर के समय वह तहसील पहुंचे तो पोर्टल बंद मिला इस कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हुई। बोह निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवानी थी। जब वह रजिस्ट्री करवाने छावनी तहसील में पहुंचे तो पता चला कि पोर्टल बंद है। इसके बाद वह एक घंटा इंतजार करने के बाद वापस चले गए।
दोपहर को पोर्टल बंद होने के कारण बुधवार को रजिस्ट्री का काम प्रभावित रहा जिसके कारण छावनी तहसील में पांच रजिस्ट्री दर्ज की गईं।
- आशीष, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी