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पैमेंट न होने पर गन्ना किसानों ने शुगर मिल के धर्मकांटे को किया बंद

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शहजादपुर। क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों पर शुगर मिल का करीब 113 करोड़ गन्ने की बकाया भुगतान न होने पर चौथी बार भारतीय किसान यूनियन व किसान गन्ना संघर्ष समिति सहित किसान महापंचायत ने बनौंदी शुगर मिल के समक्ष धरना देकर सरकार व मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। शुगर मिल में गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो रहा है। जिससे गुस्साए किसानों ने मंगलवार को मिल में स्थित धर्मकांटे को बंद कर दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन व गन्ना मिल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसानों का आरोप था कि मिल पर 113 करोड़ रुपये बकाया है और यह भुगतान नहीं किया जा रहा है। सुबह 10 बजे शुगर मिल के समक्ष किसान इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। किसानों का कहना था कि जब शुगर मिल उनके गन्ने का भुगतान ही नहीं कर रहा तो, इससे बेहतर है शुगर मिल को ही बंद किया जाए। भारतीय किसान यूनियन व किसान संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों गन्ना उत्पादक किसानों ने शुगर मिल में स्थित धर्मकांटे को बंद कर दिया व स्टाफ को बाहर निकाल दिया।

सुबह से बढ़ रहा था आक्रोश
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में सुबह से ही किसान इकट्ठा होना आरंभ हो गए थे। शुगर मिल के जीएम वरूण मदान, केन मैनेजर जयपाल ठाकुर मौके पर पहुंचे। इस दौरान चढूनी ने बताया कि क्षेत्र के किसानों की पेमेंट करीब 113 करोड़ रुपये बकाया है जिस पर महापंचायत बुलाई गई है। बार-बार शुगर मिल द्वारा यूनियन व किसानों से वायदा किया था कि वह हर दिन किसानों के खाते में डेढ़ करोड़ रुपये डालेंगे लेकिन शुगर मिल अपने वायदे पर खरा नहीं उतरी है। एसडीएम व डीएसपी के सामने मिल प्रबंधन से मिल के हिसाब-किताब पर चर्चा हुई जिसमें इस सत्र में सोमवार तक करीब 152 करोड़ का गन्ना मिल में जा चुका है लेकिन शुगर मिल ने करीब 20 करोड़ रुपये ही किसानों को अदा कर सका है। इसके विपरीत जबकि यमुनानगर की सरस्वती शुगर मिल ने पिछला बकाया पांच फरवरी को ही अदा कर दिया था। उनका आरोप था कि मिल प्रबंधन किसानों की पेमेंट को अटका रहा है।
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दिनभर चलता रहा विवाद
मौके पर पहुंचे मिल के अकाउंट मैनेजर वरुण मैदान ने बताया कि उनके पास नौ करोड़ की चीनी का स्टॉक पड़ा है व छह करोड़ की उनकी पैमेंट आनी है जिसके आते ही किसानों की पेमेंट जारी कर दी जाएगी। इस तर्क से किसान सहमत नहीं हुए जिसके बाद प्रशासन ने शुगर मिल मालिक राहुल को मौके पर बुलाया लेकिन मिल मालिक ने भी सरकार की तरफ से करीब 20 करोड़ रुपये आने की बात कही। किसानों का कहना था कि उन्होंने बीती 14 फरवरी को पांच मार्च की मीटिंग के बारे समय निर्धारित कर दिया था व दो मार्च को भी उन्होंने पांच मार्च की मीटिंग के लिए संपर्क किया था। इस बारे सभी को अवगत कराया गया था लेकिन धरने देने के बाद भी शुगरमिल प्रबंधन अपनी एक भी बात पर पूरा नहीं उतरा। एसडीएम अदिति ने किसानों को आश्वासन दिया कि आगामी दो दिनों के अंदर मिल प्रबंधन किसानों का भुगतान करेगा। मगर किसान एसडीएम के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और देर शाम तक विरोध पर डटे रहे।

सामने आई दो यूनियन में फूट
महापंचायत में एक बार फिर दो यूनियन की फूट सामने आई। विरोध के दौरान दोनों यूनियनों ने एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए। किसान यूनियन के सदस्य नरपत के साथ भाकियू की नोकझोंक हुई जिसपर भाकियू नेताओं व किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि अगर आप किसान हितैषी है तो अपने बैनर तले किसानों को बुलाकर उनकी आवाज उठाओ।
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देर शाम तक जारी थी वार्ता
वहीं देर शाम किसान यूनियन के नेताओं ने राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कैंट पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मुलाकात की और दो पक्षों में देर रात तक वार्ता जारी रही। वार्ता में किसान संघर्ष समिति सदस्य गुरनाम सिंह, विनोद राणा सहित पांच लोग पहुंचे।
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