अंबाला कैंट। गंदे पानी की पुरानी बंद पड़ी डिग्गी को कैंटोनमेंट बोर्ड सुंदर झील में तब्दील करेगा। इससे पहले बोर्ड दो पुरानी गंदे पानी की डिग्गी को सुंदर झील में तब्दील कर चुका है और अब इस कार्य में पारंगत होने पर तीसरी डिग्गी को भी सुंदर झील के तौर पर विकसित करने की योजना है। युद्ध स्तर पर कार्य की शुरूआत कर दी गई है। योजना चार एकड़ में झील और इसके साथ एक एकड़ में पार्क को विकसित करना है। पहले चरण में इस कार्य पर 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा एलएनबॉय लाइन में गजराज कांप्लेक्स के निकट नई झील को विकसित किया जा रहा है। यहां पर पहले गंदे पानी की डिग्गी थी जोकि लगभग सूख गई थी। यहां पर अब बोर्ड द्वारा सेना क्षेत्र में तीसरी झील बनाने की योजना बनाई गई है। चार एकड़ डिग्गी के ठीक साथ एक एकड़ में पुराना पार्क भी है। अब इन दोनों क्षेत्र को नए सिरे से बोर्ड द्वारा विकसित किया जा रहा है। डिग्गी में झील बनाने के लिए यहां पर खुदाई की जा रही है। खुदाई होने के बाद भूमि को समतल किया जाएगा जिसके बाद चारों ओर स्टोन लगाए जाएंगे। डिग्गी में बरसाती पानी को स्टोर करने के लिए आसपास क्षेत्र में ढलान एवं नालियां भी बनाई जाएंगी। डिग्गी में चारों ओर बाउंड्रीवाल के अलावा वाफकिंग के लिए फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट्स, बैठने के लिए बेंच एवं अन्य सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाएगा। इस कार्य के लिए बोर्ड द्वारा तीन महीने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। योजना अनुरूप कार्य हुआ तो आने वाले दिनों में यहां पर सैन्य क्षेत्र की तीसरी झील नजर आएगी। साथ लगती भूमि पर पुराने पार्क को विकसित किया जाएगा। नए पौधे लगाने के अलावा पार्क में अन्य सुविधाएं भी होंगी।
दो झील विकसित कर चुका बोर्ड
बता दें कि कैंटोनमेंट बोर्ड अभी तक अपने क्षेत्र में दो झील को विकसित कर चुका है। अभी कुछ दिन पहले ही सवा करोड़ की लागत से तोपखाना में पुरानी डिग्गी के स्थान पर नई झील विकसित की गई है जबकि इससे पहले तोपखाना परेड में भी एक झील विकसित की जा चुकी है जिसका लोग आनंद उठा रहे हैं।
पुरानी डिग्गी के स्थान पर नई झील विकसित की जा रही है ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर माहौल उपलब्ध सके। इस कार्य को शुरू कर दिया गया है। यहां कई सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा। क्षेत्रवासियों को बेहतर माहौल उपलब्ध हो यही बोर्ड का प्रयास है।
- वरूण कालिया, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला कैंट।