अंबाला कैंट। तोपखाना परेड, हिम्मतपुरा, गुलाब मंडी और दुधला मंडी की सेना की 261 एकड़ भूमि को नगर निगम अंबाला के नाम हस्तांतरित करने के मुद्दे पर आर्मी हेडक्वार्टर से लिखित कार्रवाई की रिपोर्ट आई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को आगे की कार्रवाई के दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। इस तरह 14 हजार निवासियों को जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं मालिकाना हक को लेकर तोपखाना परेड में लोगों का लगातार दसवें दिन भी धरना जारी रहा।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बताया कि छावनी में तोपखाना परेड और दुधला मंडी में देश के विभाजन से पहले से ही कुछ परिवारों को सेना द्वारा इन दोनों क्षेत्रों की भूमि कृषि उद्देश्य के लिए प्रदान की गई थी और इसके लिए सेना द्वारा इन परिवारों से लीज की गई थी। यह लीज वर्ष 1975 में समाप्त होने के बाद से बार-बार सेना द्वारा भूमि खाली करने का नोटिस जारी किए जाते थे और ये परिवार उसका विरोध करते थे। मामला इन गरीब परिवारों के भविष्य से जुड़ा होने के कारण स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। उनके अनुरोध पर जून 2018 में रक्षा मंत्रालय द्वारा इस भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दे दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन अंबाला से विस्तृत चर्चा की थी और कोई बीच का रास्ता निकालने के लिए कहा था जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन द्वारा सेना अधिकारियों से दो-तीन चरणों की बैठक के बाद इस बात पर सहमति बनी थी कि राज्य सरकार या तो 261 एकड़ भूमि के बदले सेना को भूमि उपलब्ध करवा दे या इस भूमि की कीमत सेना को अदा कर दे, केवल उसी स्थिति में यह भूमि निगम के अधिकार क्षेत्र में रखी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि इस मामले पर 29 नवंबर को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्य सचिव डीएस ढेसी, उपायुक्त अंबाला तथा सेना अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की। चर्चा के उपरांत जिला प्रशासन अंबाला के प्रस्ताव को राज्य सरकार और सेना ने सहमति प्रदान कर दी है और अब यह भूमि सेना से नगर निगम के नाम हस्तांतरित करने का रास्ता साफ हो गया है।
अंबाला निगम की सीमा में होगा इजाफा
कैंट के दोनों छोर पर स्थित 261 एकड़ जमीन अब तक सेना व कैंटोनमेंट बोर्ड के नियंत्रण में थी। अब निगम सीमा में यह भूमि शामिल हो जाएगी जिस कारण निगम इस भूमि का बेहतर तरीके से सदुपयोग कर पाएगा। निगम के कई प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जोकि भूमि के अभाव में अटके पड़े हैं। इनमें डेयरियों को आवासीय क्षेत्र से बाहर करना, कैटल यार्ड, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्लाटर हाउस व अन्य कई प्रोजेक्ट्स शामिल हैं जोकि जमीन के अभाव में परवान ही नहीं हो सके।
10 दिनों से धरने पर बैठे हैं लोग
तोपखाना परेड में पिछले 10 दिनों से जमीन का मालिकाना हक के लिए चल रहे धरना-प्रदर्शन के समर्थन के लिए युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अतुल महाजन, हलका उपाध्यक्ष पंडित राजा शास्त्री, कांग्रेस सेवादल सचिव गौरव मंढाण युवा साथियों के साथ धरनास्थल पर गए और अपना समर्थन दिया। इस मौके पर उन्होंने उन सभी की मांगों को सुना और गांववासियों की इस लड़ाई में उनका साथ देने का आश्वासन भी दिया। इस मौके पर धरनास्थल पर अश्वनी, शैलेंद्र, सूबेदार और सभी गांववासियों ने भी अतुल महाजन का धन्यवाद किया।
तोपखाना परेड, हिम्मतपुरा, गुलाब मंडी और दुधला मंडी की सेना की 261 एकड़ भूमि को लेकर आर्मी हेडक्वार्टर से लिखित कार्रवाई की रिपोर्ट आई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को आगे की कार्रवाई के दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री