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कमल विहार में महीनों से नहीं आया कोई सफाई कर्मी

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अंबाला सिटी। गंदगी से अटी नालियों व पानी से भरे खाली प्लाटों को देखकर सिटी के कमल विहार के निवासी परेशान हैं। उनका कहना है कि पिछले वर्ष गंदगी के कारण इस कॉलोनी में कई लोग डेंगू और चिकिनगुनियां की चपेट में आ गए थे। इस बार भी ऐसे ही हालत बने हुए है। प्लाटों में पानी भरा है और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। इन पर मच्छर मंडराते रहते है और अगर इस बार भी बीमारी फैली तो कालोनी के निवासियों को काफी परेशानी झेलनी होगी।
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कॉलोनी निवासी मनोज कुमार, राज कुमार, रमेश कुमार, अशोक कुमार, बिट्टू, ताजवंती, सतीश कुमार, रजनी बाला व अन्य का कहना है कि खाली प्लाटों में भरा पानी उनके दीवारों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इससे सीलन आ रही है और उनके कमरों के फर्श धंस रहे हैं। उन्होंने बताया कि न तो नालियों की सफाई करने के लिए कोई कर्मचारी आ रहा है और न ही खाली प्लाटों में भरे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था की जा रही है।
सड़क की हालत भी पूरी तरह से जर्जर
कॉलोनी की सड़के भी पूर्ण रूप से जर्जर हो चुकी हैं। जहां गलियों पर जगह जगह गड्ढे बने हुए है वहीं कुछ जगहों पर इंटरलॉकिंग टाइलें भी उखड़ गई हैं। क्षेत्र वासियों का कहना है कि सड़क पर गड्ढे होने के कारण कई बार दुर्घटनाओं में वाहन चालकों को गंभीर चोटें तक लग चुकी हैं।
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महीनों से नहीं आए सफाई कर्मचारी
निवासियों का कहना कि इलाके में सफाई कर्मियों को नजर आए तो कई महीने बीत चुके हें। निगम ने दावा किया था कि उनके मोहल्ले में डोर-टू-डोर कर्मी कूड़ा उठाने के लिए आएंगे। मगर अब तक एक भी कर्मी इस क्षेत्र में नजर नहीं आया है। वह मजबूरी में पैसे देकर अपने घर का कूड़ा उठवा रहे हैं। लोगों ने बताया कि यहां न तो कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है और ऊपर से लावारिस पशु यहां घूमते है जिनसे दुर्घटनाओं का भय हमेशा बना रहता है।
फोटो नंबर 8
कॉलोनी के सामने फेंका जा रहा गोबर
अंबाला कैंट। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के समक्ष गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी वेलफेयर परिषद के प्रधान रमेश बंसल ने बताया कि यहां लोगों ने गोबर का डंपिंग क्षेत्र बना लिया है जिस कारण दिन भर गोबर की दुर्गंध के कारण निवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोबर फेंकने कारण महिलाओं में आए दिन झगड़े भी होते रहते है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी कॉलोनीवासियों की मांग पर नगर निगम की ओर से गोबर के डंपिंग ग्राउंड और घरों के बीच दीवार का निर्माण किया गया था परंतु यह दिवार अब पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उनका कहना है कि इसको लेकर वह कई बार शिकायत भी कर चुके है परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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