रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन।
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जीआरपी ने चलती ट्रेनों में चोरी करने वाले कुख्यात गैंग को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता पाई। यह गैंग हांसी, हिसार, रोहतक, जींद और नई दिल्ली के इलाकों में सक्रिय था। पुलिस ने इस साल कुल 64 अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक करोड़ 15 लाख 68 हजार 402 रुपये की चोरी की संपत्ति बरामद की है। यह जानकारी एसपी रेलवे नितिका गहलोत ने दी।
नशा जब्त, पकड़े आरोपी
एसपी रेलवे ने बताया कि जीआरपी ने ट्रेनों में दबिश देकर 440 किलोग्राम चूरापोस्त, 17 किलो 729 ग्राम अफीम, 10 किलो 839 ग्राम चरस और 229 किलो 734 ग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा 10,780 नशे की गोलियां और 384 कैप्सूल भी बरामद किए गए। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जैसे ड्रग्स प्रभावित इलाकों को बचाने के लिए जीआरपी ने एक विशेष एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन किया। इस सेल ने लगातार ट्रेनों और परिसरों में चेकिंग अभियान चलाया, इसके परिणामस्वरूप नशा अधिनियम के तहत 104 मामले दर्ज कर 94 अपराधियों को जेल भेजा गया, यह पिछले 10 वर्षों में जीआरपी की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
मिशन सुरक्षा के तहत कार्रवाई करते हुए जीआरपी ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध को प्राथमिकता दी। वर्ष 2025 में दर्ज ऐसे सभी मामलों में पुलिस ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। इस दौरान एक मानसिक रूप से बीमार सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कई टीमें गठित कर सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। इसी प्रकार बाल मजदूरी के दौरान अपना हाथ गंवा चुके एक प्रवासी बच्चे के मामले में जीआरपी ने 4 महीने तक लगातार पीछा कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, वहीं गुरुग्राम स्टेशन से अगवा हुई 3 साल की बच्ची को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा, जबकि ट्रेनों के जरिए पंजाब और अन्य राज्यों में ले जाए जा रहे 45 बच्चों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाल मजदूरी की बेड़ियों से आजाद कराया।