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पंद्रह जुलाई को जूम एयरलाइन भरेगी अंबाला से पहली उड़ान

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अंबाला से श्रीनगर और लखनऊ के लिए सीधी उड़ान 15 जुलाई से
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रमिंद्र सिंह
अंबाला सिटी। पंद्रह जुलाई का दिन अंबाला के ऐतिहासिक होगा है। पहली बार अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के रनवे से प्राइवेट जूम एयरलाइन श्रीनगर और लखनऊ के लिए अपने सेवाएं शुरू करेगी। जूम एयरलाइन सीआरजे-200 श्रेणी के विमानों को ऑपरेट करेगी, जिसमें 50 यात्रियों के बैठने की सुविधा है। विमान में दो पायलट और दो क्रेबिन क्रू सदस्य शामिल होंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के तहत अंबाला को एयर कनेक्टिविटी दी जा रही है, जिससे यहां बसे हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से अंबाला से श्रीनगर एवं लखनऊ महज एक से डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकेगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा अंबाला से पंद्रह जुलाई को जूम एयरलाइन की पहली उड़ान संबंधी सूचना भी जारी कर दी है। टर्मिनल निर्माण के लिए नक्शे भी तैयार कर लिए गए हैं। गौर हो कि स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अंबाला को उड़ान योजना में शामिल किया जा सका था, जिस वजह से अंबाला में अब प्राइवेट एयरलाइन जल्द आपरेट हो रही है। अमर उजाला ने ही इस समाचार को सबसे पहले 28 जनवरी के अंक में प्रकाशित किया था।
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प्रारंभिक चरण में इस तरह ऑपरेट होगी एयरलाइन
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा प्राइवेट एयरलाइन के संचालन का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। एयरफोर्स स्टेशन के अंदर एयरलाइन तुरंत ऑपरेट करने के प्रारंभिक जरूरतें इंडियन एयरफोर्स को बताई गई है। इसमें एयरलाइन के दो सीआरजे-200 विमानों को खड़ा करने के लिए स्थान देना है। इसके अलावा 500 स्क्वेयर यार्ड में टर्मिनल का निर्माण करने की योजना है, जहां से यात्रियों को सुरक्षा जांच के बाद विमान तक लाया एवं वापस ले जाया जा सकेगा। इस टर्मिनल के जरिये यात्री सीधे एयरफोर्स स्टेशन में दाखिल हो सकेंगे।
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लंबी अवधि के लिए यह योजना
स्थायी ढांचा तैयार करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को प्राइवेट एयर टर्मिनल निर्माण के लिए राज्य सरकार से जरूरतें हैं। इसके लिए एयरफोर्स स्टेशन के साथ 25 एकड़ भूमि की जरूरत है। जहां विमानों को खड़ा करने, उन्हें एयरफोर्स के रनवे तक ले जाने के लिए एप्रॉन, टर्मिनल बिल्डिंग, कार पार्किंग अलॉट के अलावा अन्य ढांचा तैयार करना है। इसके अलावा नजदीकी नेशनल हाईवे से एयर टर्मिनल तक फोर लेन रोड का भी निर्माण करना है। बता दें कि एयरफोर्स स्टेशन के दूसरे छोर पर स्थित गांव गरनाला, बरनाला और मंडली में इस टर्मिनल के लिए जमीन का चयन पहले ही किया जा चुका है। यहां कृषि भूमि है, जिसे एक्वायर करने की लंबी प्रक्रिया के बाद निर्माण होगा। मगर इससे पहले विमानों को तुरंत आपरेट करने के लिए एयरफोर्स स्टेशन के अंदर ही ढांचा तैयार होगा।
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यह थी योजना
बीते वर्ष दिसंबर में केंद्र सरकार की उड़ान-3 योजना के तहत अंबाला को एयर कनेक्टिविटी के लिए चुना गया था। योजना थी कि प्राइवेट विमानों का संचालन एयरफोर्स स्टेशन के रनवे से किया जाए। चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने अंबाला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एयरफोर्स स्टेशन के साथ लगते गांव का चयन किया था। मंत्री विज ने स्वयं अथॉरिटी के अधिकारियों से बातचीत की थी और प्राइवेट फ्लाइट्स जल्द से जल्द आरंभ करने के बात की थी।
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अब एक से डेढ़ घंटे में सफर
अंबाला से लखनऊ की दूरी सड़क मार्ग से करीब 750 किमी. है और श्रीनगर की दूरी करीब 610 किलोमीटर है। दोनों स्थानों पर रोड या ट्रेन से जाने में 12 से 18 घंटे का समय लगता है। विमान सेवा आरंभ होने से महज एक से डेढ़ घंटे में यह सफर तय होगा।
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फ्लाइट आरंभ करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने मुझसे आफिस में मुलाकात की थी। मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
- शरणदीप कौर, बराड़, डीसी अंबाला।
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