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दबाव का दिखा असर, मौसम खुलने से गुलजार हुआ मंडे मार्केट

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राजनीतिक दबाव का दिखा असर, तहबाजारी वसूलने नहीं पहुंचे निगम कर्मी
मौसम खुलने से गुलजार हुई मंडे मार्केट, पुलिस भी रही मुस्तैद, फड़ी संचालकों ने ली राहत की सांस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गांधी ग्राउंड में लगने वाली मंडे मार्केट के विवाद के राजनीतिक रूप लेने के कारण फड़ी संचालकों को राहत मिली है। इसका असर सोमवार को देखने को मिला, जब तहबाजारी वसूलने नगर निगम का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा। धूप खिलने के कारण बाजार गुलजार रहा। वहीं मार्केट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी मुस्तैद रही।
बता दें कि दो सप्ताह से मंडे मार्केट का विवाद चल रहा था। नगर निगम स्टाफ द्वारा प्रत्येक फड़ी संचालक से 1100 रुपये पर्ची काटने की सूचना के बाद काफी हंगामा हुआ था। इसके बाद अखिल अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव चित्रा सरवारा, कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता एवं महिला जिलाध्यक्ष वेणु अग्रवाल एवं इनेलो नेता ओंकार सिंह फड़ी संचालकों के समर्थन में उतर आए थे। हालांकि सोमवार को फड़ी संचालकों ने तब राहत महसूस की, जब कोई भी निगम कर्मी नहीं पहुंचा। मौसम खुलने व गांधी मैदान में उमड़ी भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरों पर मुस्कान थी।
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प्रशासन का मिल रहा सहयोग : रंजीत
मंडे मार्केट के प्रधान रंजीत ने बताया कि आज नगर निगम का कोई भी स्टाफ नहीं पहुंचा। बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है। कैबिनेट मंत्री अनिल विज से बात हुई थी तो उन्होंने दस या बीस रुपये तहबाजारी वसूलने के लिए कहा था, लेकिन नगर निगम कर्मी द्वारा 1100 रुपये की पर्ची काटने के बाद विवाद गहराया था। पुलिस की टीम भी बाजार में मौजूद है। उनका सहयोग मिल रहा है।
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दो सप्ताह दुकानदारी हुई प्रभावित, बाजार में है चहल-पहल : दुकानदार
गांधी मैदान में दुकानदार नवनीत, रवि राणा, अशोक व गुरनाम ने बताया कि वे काफी समय से मंडे मार्केट में दुकान लगा रहे हैं। दो सप्ताह से विवाद के कारण उनकी दुकानदारी प्रभावित हो गई थी। आज कोई भी तहबाजारी वसूलने नहीं आया। निगम स्टाफ द्वारा फड़ी संचालकों से 1100 रुपये पर्ची काटने पर हंगामा हुआ था। दिनभर में इतना फायदा भी नहीं होता, जितना फड़ी संचालकों से एक दिन का किराया मांगा जा रहा था। आज बाजार में काफी भीड़ उमड़ी है। पुलिस की टीम भी लगातार दौरे कर रही है।
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