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वित्तीय संकट से जूझ रहा हरियाणा वक्फ बोर्ड, आमदनी से ज्यादा खर्च!
केंद्र और राज्य सरकार से नहीं मिलती मदद, उबरने में जुटा है बोर्ड
कुलदीप चहल
अंबाला कैंट। हरियाणा वक्फ बोर्ड बीते चार साल से वित्तीय संकट से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि आमदनी से ज्यादा खर्च हो रहा है, जबकि बोर्ड अपना संकट दूर करने के लिए कोशिशों में जुटा है। यह स्थिति बीते चार साल से बनी है। हालांकि इस दौरान आमदनी तो पहले से बढ़ी है, लेकिन जिस तरह से खर्च हो रहा है, उसे देखते हुए यह आमदनी भी कम पड़ रही है। आरटीआई से मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है जबकि बोर्ड का दावा है कि जल्द ही इस घाटे से उबर लेंगे।
हरियाणा वक्फ बोर्ड में पिछले तीन साल से आमदनी और खर्च में काफी बड़ा अंतर लगातार आ रहा है। आमदनी जहां कम है, वहीं बोर्ड का सालाना खर्च इससे कहीं अधिक है। ऐसी स्थिति में बोर्ड के लिए दिक्कतें खड़ी होनी शुरू हो गई हैं। एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि बोर्ड को लगातार घाटा हो रहा है और इसे पूरा करने के लिए बोर्ड के सामने संकट है। आरटीआई से मिले आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो बोर्ड को चार मदों से आमदनी हो रही है, जिसमें लीज अथवा रेंट पर दी गई प्रॉपर्टी से मिलने वाली आमदनी व डोनेशन है। इसके अलावा बैंक से मिलने वाला ब्याज, दरगाह में चढ़ावा अन्य मद शामिल हैं। हैरानी है कि बोर्ड की जिस तरह से आमदनी है, उससे कहीं अधिक खर्च हो रहा है। ऐसे में बोर्ड का बजट भी गड़बड़ा रहा है। तीन साल से यह घाटा लाखों के हिसाब से बढ़ रहा है। हालांकि एक बार यह घाटा काफी कम कर लिया गया था, लेकिन अचानक फिर से यह बढ़ गया। दूसरी ओर बोर्ड का दावा है कि अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है और जल्द ही यह स्थितियां बदलेंगी।
यह है स्थिति
वित्तीय वर्ष आमदनी खर्च (लाखों में)
2012-13 2184.89 2009.60
2013-14 2489.03 2140.55
2014-15 2616.00 1810.28
2015-16 1296.93 1761.76
2016-17 1676.89 1764.00
2017-18 1573.45 2051.73
(साल 2018-19 वित्तीय वर्ष अभी चल रहा है, जबकि इसमें भी आमदनी से अधिक खर्च दिखाया गया है)
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कोट्स
हरियाणा वक्फ बोर्ड की माली हालत को लेकर जानकारी मांगी थी, जिसमें यह सामने आया कि बोर्ड की आमदनी काफी कम है, जबकि बीते कुछ सालों से खर्च ज्यादा है। एक विशेष क्षेत्र में लाखों रुपये बांटे गए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों की अनदेखी की गई है।
-इमरान खान, प्रधान, हरियाणा मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी।
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यह सही है कि बीते कुछ सालों से घाटा है, लेकिन इसे पूरा कर लिया जाएगा। वक्फ बोर्ड अपने स्तर पर आमदनी के स्रोत पैदा कर रहा है, जबकि जल्द ही यह स्थितियां सामान्य हो जाएंगी। बोर्ड प्रदेशभर में हर क्षेत्र को ध्यान में रखकर काम कर रहा है।
-इम्तियाज खिजर, प्रशासक, हरियाणा वक्फ बोर्ड।