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तीन हजार से अधिक आवेदन दिए किसानों ने मुआवजे के लिए

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फोटो नंबर : 45 व 46
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मुआवजे के लिए किसानों ने दिए तीन हजार से अधिक आवेदन
वीरवार अलसुबह तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसल को हुआ था भारी नुकसान
कृषि विभाग में आवेदन करने वाले किसानों की लगी कतारें
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। ओलावृष्टि एवं तेज बारिश से सैकड़ों किसानों की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महज शुक्रवार को ही कृषि विभाग के कार्यालय में मुआवजे के लिए आवेदन करने के लिए तीन हजार से अधिक किसान पहुंच गए थे। किसानों ने आवेदन दिए, साथ ही फसल नुकसान के बारे भी बताया। उनका कहना था कि उन्हें अधिक से अधिक मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए ताकि फसल का नुकसान पूरा किया जा सके। यदि नुकसान पूरा नहीं हुआ तो वह भारी नुकसान में आ जाएंगे।
बता दें कि वीरवार अलसुबह जोरदार बारिश व ओलावृष्टि के चलते जिलेभर के किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। अंबाला सिटी के नग्गल, कैंट, मुलाना, बराड़ा, शहजादपुर, नारायणगढ़ आदि क्षेत्रों में किसानों के खेत पानी में जलमग्न हो गए थे जबकि काटी गई फसल भी बारिश में बर्बाद हो गई थी। प्रशासन द्वारा स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए गए थे जिसके बाद किसानों ने भी शुक्रवार से मुआवजे के लिए आवेदन देने शुरू कर दिए हैं।
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शुक्रवार को सुबह से ही किसानों का तांता सिटी स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में लगना आरंभ हो गया था। विभागीय कार्यालय खुलने से पहले ही सैकड़ों किसान यहां पहुंच गए थे। विभाग ने आवेदन लेने आरंभ किए तो यहां लंबी-लंबी कतारें लगनी आरंभ हो गई थीं। गौरसियां से किसान विक्रम, नन्यौला से अमरजीत, नग्गल से अमरीक, शाहपुर से सतविंद्र व अन्य ने बताया कि उनकी कई एकड़ में स्थित फसले बारिश की भेंट चढ़ चुकी हैं, तेज हवाओं ने फसल को बिछा दिया है और रही सही कसर ओलावृष्टि ने पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब केवल सरकार से आस है और उन्हें उचित मुआवजे की दरकार है।
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सांसद दीपेंद्र ने किया गांवों का दौरा (फोटो नंबर : 47)
उधर, सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का शुक्रवार को जायजा लिया। उन्होंने सरकार से 30,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव चित्रा सरवारा भी उनके साथ रही। सांसद ने गरनाला, बरनाला, पंजोखरा, टूंडला आदि गांवों का दौरा किया। सांसद ने कहा कि अगर सरकार की निष्क्रियता की वजह से अगली रबी की फसल तक भी पानी न निकाला जा सके तो ऐसे में रबी की फसल की बिजाई से पहले अगली फसल की बर्बादी का मुआवजा प्रभावित किसानों को दिया जाए। चित्रा सरवारा ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान के मद्देनजर सरकार तुरंत धान पर उचित बोनस घोषित करे जिससे किसानों को राहत मिले। इस अवसर पर जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन ब्रह्मपाल राणा, ग्रामीण अध्यक्ष लखी सिंह राणा, गुरसिमरन तेजा, जरनैल माजरा, गुरजतन सिंह बिल्लू, अतुल महाजन, शंटी धीमान आदि मौजूद रहे।
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