ट्विन सिटी की 25 कॉलोनियों पर वैधता की मुहर
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फोटो नंबर : 42, 43 व 44
प्रॉपर्टी एसोसिएशन बोली- ऊंट के मुंह में जीरा, 50 प्रतिशत से ज्यादा बस चुकीं 100 से ज्यादा कॉलोनियों को नहीं किया वैध
डीलर्स बोले- अपने चहेतों के क्षेत्रों की कॉलोनियों को किया वैध
प्रॉपर्टी एसोसिएशन अन्य कॉलोनियों को वैध करने के लिए सौंपेगी ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। प्रदेश सरकार ने अंबाला नगर निगम के अधीन आने वाली कॉलोनियों पर वैधता की मुहर लगा दी है। करीब पांच वर्ष बाद ट्विन सिटी की मात्र 25 कॉलोनियों को ही वैध किया गया है। इन कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाएं सरकार द्वारा अब विभिन्न चरणों में उपलब्ध करवाई जाएंगी। गत दिनों प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई इस अधिसूचना में सिटी की 15 और कैंट की 10 कॉलोनियां हैं, जिन्हें वैध किया गया है। बड़ा सवाल यह है ट्विन सिटी में कई अन्य कॉलोनियां हैं, जोकि वर्षों से बसी हुई हैं। यहां सैकड़ों मकान बन गए हैं और परिवार रह रहे हैं। ऐसे में इन कॉलोनियों में न सर्वे हुआ, न ही इन पर वैधता की मुहर लगी। वहीं प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन सरकार के इस निर्णय पर रोष जता रहा है। एसोसिएशन सदस्यों ने कहा कि ट्विन सिटी में मात्र 25 कॉलोनियों को वैध करना ऊंट के मुंह में जीरे के सामान है।
इन कॉलोनियों पर लगी वैधता की मुहर
- सिटी में धूलकोट क्षेत्र में किंग विहार कॉलोनी, वीटा विहार, काकरू क्षेत्र में सूर्या कालोनी, पट्टी कलालन क्षेत्र में एक्सटेंशन कृष्णा कॉलोनी, सौंडा क्षेत्र में अर्पित एन्कलेव, जंडली में प्रीत नगर कॉलोनी, जेजे कॉलोनी, पट्टी जट्टान में नरेश विहार-1, नरेश विहार-2 व एक्सटेंशन मनमोहन नगर कॉलोनी, पट्टी मेहर में एक्सटेंशन उत्तम नगर व रंजीत नगर कॉलोनी, मंडौर इंडस्ट्रियल एरिया, मंडौर इंडस्ट्रियल एरिया-2, जंडली में सीना कॉलोनी शामिल हैं।
- कैंट में नन्हेड़ा क्षेत्र के आनंद विहार, मिलाप नगर, नागल में पालम विहार ई, दीप नगर कॉलोनी, शंकर पार्क, करधान क्षेत्र में गांधी नगर, बब्याल में कृष्णा नगर बी, लक्ष्मी नगर, करधान में अशोक विहार, संत नगर, सत्संग नगर शामिल है।
यह मिलेंगी सुविधाएं
वैध की गई कॉलोनियों की रजिस्ट्री वैध होगी। साथ ही यहां पर सरकार द्वारा सड़कें, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज आदि सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इन कॉलोनियों को अब तक कलोनाइजर द्वारा ही विकसित किया गया था, जिनमें कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।
इन कॉलोनियों के निवासियों में छाई मायूसी
सरकार द्वारा केवल 25 कॉलोनियों को वैध किया गया है, जिससे अन्य कॉलोनियों के निवासियों में मायूसी है। सिटी में जलबेड़ा रोड स्थित कॉलोनियां सिंघावाला, गणेश विहार, सरस्वती नगर, नारायणगढ़ रोड स्थित कॉलोनियां व अन्य कई अब तक वैध नहीं हैं। इसी तरह कैंट में खोजकीपुर, खुड्डा, डिफेंस कालोनी, बब्याल, बोह, कलरहेड़ी आदि क्षेत्रों की दर्जनों कॉलोनियां भी अप्रूव नहीं हैं।
पूर्व में वैध कॉलोनियों में कई त्रुटियां
सरकार द्वारा पूर्व में वैध की गई कई कॉलोनियों के खसरे नंबर ही गायब हैं। इन कॉलोनियों के खसरे नंबर शामिल कराने के लिए लोगों व पार्षदों द्वारा सरकार तक से गुहार लगाई गई थी, मगर इसमें कोई सुधार नहीं हुआ। उदाहरण के तौर पर एक कॉलोनी का खसरा नंबर अप्रूव है तो उसी कॉलोनी का दूसरा खसरा नंबर अप्रूव नहीं है। चौटाला सरकार के समय वर्ष 2002 में 45 कॉलोनियां अप्रूव हुईं थीं जबकि 2013 में 64 कॉलोनियां। इन्हीं कॉलोनियों के कई खसरा नंबर अब तक अप्रूव नहीं हैं।
एसोसिएशन जताएगी विरोध
अंबाला डीलर्स एसोसिएशन के कन्वीनर ओंकार नाथी ने कहा कि मात्र 25 कॉलोनियां ट्विन सिटी में अप्रूव करना चिंता का विषय है। इस समय दर्जनों कॉलोनियां बस चुकी हैं। ऐसे में सरकार द्वारा न तो इन कॉलोनियों में सर्वे कराया गया, न ही यहां अब तक मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। पुरानी वैध की गई कई कॉलोनियों के तो खसरा नंबर ही नहीं हैं। प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन इस मामले को लेकर जल्द अपना विरोध जताएगी।
वहीं प्रॉपर्टी डीलर अशोक गोयल ने कहा कि यह नियम है कि 50 प्रतिशत से यदि ज्यादा कॉलोनी बस चुकी है तो उसे अप्रूव की श्रेणी में लाया जाए, मगर यहां ऐसा नहीं किया जा रहा है। करीब 70-80 कॉलोनियां अकेले सिटी में ही हैं जोकि अप्रूव नहीं हैं। सरकार केवल चहेतों को फायदा पहुंचा रही है और खास क्षेत्र की कॉलोनियों को वैध किया जा रहा है।