भारत बंद : सवा चार घंटे थमी रही जीटी रोड, डीसी के आश्वासन पर हटे प्रदर्शनकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। भारत बंद के आह्वान को लेकर समस्त दलित समाज ने कैंट में जीटी रोड फ्लाईओवर पर सोमवार सुबह जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। जाम की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। हालांकि, वह भी दर्शक बनकर खड़ी रही। सवा चार घंटे तक प्रदर्शनकारी जीटी रोड पर डटे रहे। पहले एसडीएम, फिर एडीसी और बाद में डीसी जब मौके पर पहुंचीं। उनके आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने दोपहर बाद 3:45 बजे जाम खोला। इस दौरान जीटी रोड का ट्रैफिक और अंबाला कैंट के हालात अस्त व्यस्त हो गए। बस नहीं चलने से हजारों यात्री परेशान हुए। इससे पहले सुबह से ही कोई भी रोडवेज बस पंजाब की ओर नहीं गई। बस सेवा अंबाला कैंट में ही स्थगित की जा रही थी। न पंजाब से कोई बस आई और न ही वापस गई। हरियाणा रोडवेज की एक भी बस पंजाब नहीं गई।
ऐसे चला घटनाक्रम
दलित समाज के सदस्य सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर इकट्ठा होने लगे थे। रंगिया मंडी में समाज के लोगों ने दुकानें बंद करा दीं। इसके बाद कैंट के मुख्य बाजार में रोष मार्च निकाला। यहां प्रदर्शन करने के बाद प्रदर्शनकारी कैंट एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां सभी ने एसडीएम सुभाष सिहाग को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस फोर्स रहा। प्रदर्शन को कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री चौ. निर्मल सिंह, इनेलो नेता ओंकार सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया। ठीक साढ़े ग्यारह बजे समाज के लोग जीटी रोड पर पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। कुछ ही देर में उन्होंने जीटी रोड जाम कर दी। दोनों तरफ के वाहनों को फ्लाईओवर के दोनों छोर पर रोक दिया गया। समाज के अन्य लोग और प्रदर्शनकारी पीएम मोदी की शव यात्रा निकालते हुए यहां पहुंचे। इसके बाद पुतले को फूंक दिया। इस दौरान मात्र 50 पुलिस कर्मी ही मौके पर तैनात थे। करीब एक घंटे बाद डीएसपी सुरेश कौशिक और एसडीएम सुभाष सिहाग ने प्रदर्शनकारियों से हटने के लिए आग्रह किया, मगर वह नहीं मानें। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गई बार बात हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जाम नहीं खुलता देख मौके पर निगम आयुक्त पहुंच गए। इसके बाद एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इस दौरान भी प्रदर्शनकारी जीटी रोड से नहीं हटे। करीब साढ़े तीन बजे डीसी शरणदीप कौर बराड़ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को केंद्र सरकार के पास भिजवा दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ठीक पौने चार बजे जाम को खोल दिया। जाम खुलते ही जीटी रोड से वाहन पुलिस की निगरानी में निकाले गए।
जगाधरी रोड पर डायवर्ट किया यातायात
सुबह प्रदर्शनकारियों के जाम लगाते ही पुलिस ने वाहनों को जगाधरी रोड पर डायवर्ट कर दिया। कई वाहन चालक कैंट के बाजारों में दाखिल हो गए। इससे वहां दिन में जाम लग गया। वाहन चालकों को यह भी डर था कि कहीं जगाधरी रोड पर भी जाम न लगा हो। इस कारण वह धीरे-धीरे वाहनों को आगे बढ़ा रहे थे।
यात्रियों को नहीं मिली बस (फोटो नंबर : 6,7,8,10,12)
अंबाला में सोमवार को हालांकि सुबह बस सेवा रुटीन में चल रही थी। लेकिन, दिल्ली से पंजाब जाने वाली बसें केवल अंबाला तक ही आ रही थीं। बसों को कैंट बस स्टैंड पर ही रोक दिया जा रहा था। अंबाला से भी पंजाब की ओर रोडवेज की कोई बस नहीं गई। बसों की संख्या लगातार बढ़ती गई। इससे पूरा बस स्टैंड बसों से भर गया। यात्रियों को बसें नहीं मिलीं। इस कारण सैकड़ों यात्री कैंट बस स्टैंड पर ही फंसे रहे। अमूमन खाली दिखने वाला कैंट बस स्टैंड यात्रियों से दोपहर तक पूरी तरह से भरा हुआ था। जाम खुलते ही जब बस और ट्रक चलने लगे, तो यात्रियों को कुछ राहत महसूस हुई।
गाड़ी सड़क पर छोड़ गायब हुआ वाहन मालिक (फोटो नंबर : 14)
करीब सवार चार घंटे बाद जाम खुला तो कैंट बस स्टैंड से जीटी रोड फ्लाईओवर वाली लेन पर एक डस्टर गाड़ी लावारिस अवस्था में खड़ी मिली। गाड़ी सड़क के बीच में खड़ी थी। इस कारण वहां से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो रही थी। रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और जाम की स्थिति बन गई। दिल्ली नंबर वाली इस गाड़ी के मालिक को पुलिस ने बहुत तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला।
शुरू में नहीं थी फोर्स, बाद में हुई तैनात
सुबह जब प्रदर्शन आरंभ हुआ तो जीटी रोड पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को संभालने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस फोर्स तक नहीं थी। मात्र 50 जवान ही मौके पर तैनात थे। कुछ फोर्स सिटी तो कुछ बराड़ा, साहा आदि क्षेत्रों में भेजी गई थी। मगर, कैंट के मुकाबले अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शन जल्दी खत्म हो गए। इसके बाद कैंट में भी फोर्स जुटी शुरू हो गई। इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए बुलेट प्रूफ जैकेटे, डंडे और कुछ ही देर में वॉटर कैनन मंगवा ली गई।
रेलवे स्टेशन पर तैनात रही पुलिस (9)
जीटी रोड फ्लाईओवर के ठीक सामने स्थित कैंट रेलवे स्टेशन पर भी भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की कई टीमें यहां पर रही। स्टेशन पर प्रवेश करने वाले यात्रियों के सामान की पूरी तलाशी तक ली जा रही थी। स्टेशन पर भी यात्रियों को राहत नहीं मिली। पंजाब की ओर से सुबह न कोई ट्रेन आई न ही रवाना हुई।