फोटो नंबर : 31 से 36 तक
- करीब सौ वर्ष पुरानी इमारत गिरने से व्यक्ति दबा नीचे
- फायर ब्रिगेड कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। दो दिन से हो रही बरसात के चलते शनिवार को सिटी के मीणा बाजार में एक तीन मंजिला इमारत अचानक धराशायी होकर गिर गई। मलबे के नीचे एक व्यक्ति धंस गया, जिसे मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला। बताते हैं कि इमारत करीब सौ वर्ष पुरानी थी।
दो दिन से अंबाला में रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से मकान गिर गया। जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त परिवार के तीन से चार लोग घर में थे लेकिन आसपास के लोगों के शोर मचाते ही वो समय रहते घर से बाहर निकल गए। मगर घर में सो रहा जितेंद्र अंदर ही फंस गया, जिसे काफी देर बाद बाहर निकाला गया। पड़ोस के दुकानदार अशोक कुमार के अनुसार यह मकान सिटी के सर्राफा बाजार में पान की दुकान करने वाली पूनम रानी का था। पूनम हादसे के वक्त अपनी दुकान पर थी और उसका बड़ा बेटा घर पर सो रहा था जबकि छोटा बेटा घर की छत पर था। अचानक उसने नीचे बंद पड़ी दुकानों में ईंटें गिरने की आवाज सुनीं और तुरंत घर वालों को बाहर निकलने के लिए कहा। साथ ही एक दुकानदार ने पूनम को सूचना दी। अभी पूनम घर की सीढिय़ों में ही थी कि अचानक पूरा का पूरा घर गिर गया। घर में सो रहा बड़ा बेटा जितेंद्र मलबे में फंस गया जिसे दमकल की टीम ने एक घंटे में रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। मकान गिरने से आसपास की दुकानें भी चपेट में आ गई उन्हें भी इससे काफी नुकसान उठाना पड़ा। गनीमत यह रही कि जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त इस मकान में रह रही छोटी बच्ची और उसकी मां अंदर नहीं थे।
मेला देखने घर आया था जितेंद्र
जिस वक्त इमारत गिरी उस वक्त पूनम का बड़ा बेटा जितेंद्र अंदर सो रहा था जो भाग नहीं पाया मकान गिरने के बाद उसे पूरी होश थी। उसने शोर मचाते हुए राहत दल को अपने फंसे होने वाले स्थान की पूरी जानकारी दी। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की टीम ने उसे बाहर निकाला। जितेंद्र कुरुक्षेत्र में काम करता है और सुबह ही वामन द्वादशी मेले की वजह से छुट्टी लेकर घर लौटा था।
एसडीएम और डीएसपी ने लिया मौके का जायजा
मकान तंग गली में था जिस वजह से दमकल की टीम को काफी मशक्त उठानी पड़ी, इस दौरान पुलिस व सीआरपीएफ भी मौके पर बुलानी पड़ी ताकि मौके पर भीड़ को रोका जा सके। ताज्जुब की बात यह रही कि मौके पर प्रशासनिक अधिकारी रेस्क्यू खत्म होने के बाद पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मलबा हटाने तक डटे रहे मेयर
हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर रितेश गोयल और विधायक के निजी सचिव सौरभ मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। वहीं मेयर नगर निगम भी वार्ड पार्षद रूपम गुगलानी के पति राजन गुगलानी के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। मेयर ने तुरंत फोन कर निगम के जॉइंट कमिश्नर गगनदीप को मौके पर बुलवाया और तुरंत मलबा हटा रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए। जब तक मलबा हटाने का काम शुरू नहीं हो गया तब तक मेयर मौके पर ही डटे रहे।
एक अन्य दुकान को भी पहुंचा नुकसान
इमारत गिरने से उसके सामने वाली दुकान को भी भारी नुकसान पहुंचा। दुकानदार अशोक के अनुसार उसका बाहर खड़ा स्कूटर मलबे में धंस गया और उसकी दुकान का काउंटर व डिस्प्ले विंडो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बाकी नुकसान का अंदाजा दुकान के अंदर जाकर ही लगाया जा सकता है। अभी दुकान मलबे से अटी पड़ी है। गनीमत रही कि अंदर से ईंट गिरने की आवाज सुनकर अशोक और उसकी दुकान के कर्मचारी तुरंत बाहर आ गए।
पूरा बाजार हो गया बंद
बिल्डिंग गिरने की आवाज सुनकर अचानक पूरे बाजार में अफरा तफरी मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार बंद हो गया। सभी दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर गली के बाहर जमा हो गए और काफी देर तक सहमे रहे।