अंबाला। रेलवे बोर्ड ने सहायक लोको पायलट (एएलपी) और सीनियर एएलपी से लोको पायलट शंटर ग्रेड-II (लेवल-4) के पद पर पदोन्नति के लिए चल रहे संशय को खत्म कर दिया है। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि अब पदोन्नति के लिए केवल वरिष्ठता ही नहीं बल्कि 60,000 किलोमीटर का फुटप्लेट अनुभव भी अनिवार्य होगा।
उत्तर रेलवे के विभिन्न मंडलों (दिल्ली, अंबाला, फिरोजपुर, मुरादाबाद और लखनऊ) में पदोन्नति के अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे थे। एनआरएमयू ने पीएनएम बैठक में इस विसंगति का मुद्दा उठाया था। इसके बाद मुख्य विद्युत इंजीनियर (संचालन) नवीन कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को सभी वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियरों को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेलवे की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, पदोन्नति के दो मुख्य आधार तय किए गए हैं। सीनियर एएलपी ग्रेड में कम से कम दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करना अनिवार्य है।
यदि सीनियर एएलपी उपलब्ध नहीं हैं तो सामान्य एएलपी को भी पदोन्नति दी जा सकती है। इसके लिए उन्हें संयुक्त कैडर में 2 साल की सेवा पूरी करनी होगी और न्यूनतम 60 हजार किलोमीटर का इंजन पर सफर का अनुभव होना चाहिए। सभी मंडलों को निर्देश दिए गए हैं कि इन नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि पदोन्नति की प्रक्रिया एक समान रहे। संवाद