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- पुलवामा अटैक पर रोष, कश्मीरी छात्रों के विरोध में मुलाना पंचायत -

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मुलाना। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को लेकर मुलाना पंचायत ने क्षेत्र में रह रहे कश्मीरी छात्रों को बाहर करने की मांग उठा दी। पंचायत का वीडियो वायरल होने के बाद सभी कश्मीरी छात्र मुलाना यूनिवर्सिटी के परिसर में एकत्रित हो गए। इसके बाद पुलिस व स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। तुरंत ही प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस ने पंचायत प्रतिनिधियों को बुलाया और उन्हें यूनिवर्सिटी परिसर में एकत्र हुए कश्मीरी छात्रों के सामने बिठाकर मामला सुलझाया।
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मामला शांत होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि प्रशासन ने कश्मीरी छात्रों को माहौल शांत होने तक हॉस्टल में रहने की ही सलाह दी है। उधर, स्थानीय लोगों ने बताया कि व्हाट्सएप पर संवेदनशील पोस्ट डालकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, जबकि इस क्षेत्र में काफी संख्या में कश्मीरी छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में भी अपनी छानबीन शुरू की है।
उल्लेखनीय है कि मुलाना व बराड़ा के सरपंचों ने प्रदर्शन कर कश्मीरी छात्रों पर सवाल उठाए थे और उनको बाहर करने की मांग की थी। मुलाना सरपंच ने जहां शुक्रवार को प्रदर्शन किया था, वहीं शनिवार को बराड़ा सरपंच ने अपने साथियों के साथ प्रदर्शन किया। वीडियो वायरल होने के बाद कश्मीरी छात्रों को बाहर करने की मांग के बाद प्रशासन व पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मुलाना सरपंच नरेश कुमार द्वारा इस तरह का कदम उठाने के बाद पुलिस ने तुरंत ही उन्हें मुलाना थाने बुलाया। इसके बाद सभी यूनिवर्सिटी परिसर पहुंचे। इस दौरान एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, डीएसपी बराड़ा सुधीर तनेजा व मुलाना थाना प्रभारी हरभजन सिंह थाना में मौजूद रहे। पुलिस ने आमने-सामने बिठाकर दोनों पक्षों से बातचीत की और मामला सुलझाया। खास है कि मुलाना सरपंच ने यूटर्न लेते हुए कहा कि वे कश्मीरी छात्रों के साथ हैं और वे कहीं पर भी रह सकते हैं। हालांकि सरपंच ने कहा कि जो लोग संदिग्ध हैं, उनको लेकर कहा गया था। पुलिस ने भी मामला सुलझने के बाद राहत की सांस ली।
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पुलिस की सलाह, हास्टल में रहें छात्र
मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। जिस तरह से देश में गुस्से का माहौल है, उसे देखते हुए पुलिस ने इन कश्मीरी छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने संस्थानों के हॉस्टल में रहें। जब मामला शांत हो जाता है, तो वे अपने कमरों में आ जाएं। लेकिन तब तक सावधानी भी बरतें, जबकि पुलिस पूरी तरह से चौकस है।

क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने की कोशिश
इस सारे प्रकरण के बीच यह भी सामने आया है कि जिस तरह से काफी संख्या में कश्मीरी छात्र यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनके मोबाइल पर संवेदनशील पोस्ट भेजकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। यह पोस्ट भी पुलिस को सौंपी है, जिस पर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। इस पोस्ट को किसी लोन ताहिर ने 15 फरवरी को भेजा है, जिसमें भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला गया है। इसके साथ ही कश्मीरी लोगों को पीड़ित बताया गया है। यह पोस्ट काफी भड़काऊ है और इसी को लेकर पुलिस भी सकते में है। वहीं मुलाना सरपंच नरेश कुमार ने मुलाना पुलिस को कुछ संदिग्धों के नाम दिए, जिनमें व्हाट्सएप पर हुई बात के दस्तावेज भी शामिल हैं।

ये हुआ था वीडियो वायरल
शनिवार सुबह मुलाना पंचायत का कश्मीरी छात्रों को लेकर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वक्ता यह कह रहा है कि मुलाना यूनिवर्सिटी के तीन कश्मीरी छात्रों ने आतंकी हमले के बाद जश्न मनाया और लड्डू बांटे। इसके बाद पंचायत ने फैसला लिया है कि गांव में जितने भी छात्र किराये पर रह रहे हैं, उन्हें मकान मालिक 24 घंटे के अंदर निकाल दें। अन्यथा वह भी गांव व देश के गद्दार माने जाएंगे।


कश्मीरी छात्रों को बाहर करने का मामला सुलझा लिया गया है, जबकि कुछ दस्तावेज भी सौंपे हैं। इन सभी की जांच की जाएगी और यदि कोई संदिग्ध मिला तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी। पुलिस इस मामले में पूरी तरह से सतर्क है।
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- सुधीर तनेजा, डीएसपी बराड़ा
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