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संत बोले, %श्रीराम को जो भूलने वाले हैं, उनको दुनिया तक भुला देगी’

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- अंबाला में विश्व हिंदू परिषद का विराट हिंदू सम्मेलन -
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संत बोले- श्रीराम को जो भूलने वाले हैं, उनको दुनिया तक भुला देगी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा रविवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में पहुंचे साधू-संतों ने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, वहीं सरकार को चेतावनी भी दे डाली। संतों ने साफ कहा कि श्रीराम को जो भूलने वाले हैं, उनको दुनिया तक भुला देगी। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को जयचंद तक कह डाला। जय श्री राम के नारों से आयोजन स्थल लगातार गूंजता रहा। इस मौके पर आचार्य सनातन चैतन्य महाराज अंबाला शहर, स्वामी कैलाश स्वरूपानंद शास्त्री अंबाला शहर, स्वामी महंत शिवम साहेब काठमांडू, संत निर्भय दास इलाहाबाद, महामंडलेश्वर नैसर्गिका गिरि, साध्वी रमा शास्त्री, साध्वी कोमल, स्वामी महेश्वरानंद, राम चैतन्य सरस्वती, सुबोधानंद, शांतानंद, शिवानंद, स्वरूपानंद, रजनीगिरि, हरि गिरि, विनय स्वरूप ब्रह्मचारी, हरेराम, अरविंद चौबे, मनीष पंडित मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता विहिप के राष्ट्रीय सचिव केंद्रीय मंत्री धर्मनारायण ने साफ लहजे में कहा कि न्यायाधीश तीन मिनट में ही करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठोकर मारते हैं और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल चुनाव के बाद सुनवाई की बात करते हैं। यही सब अब राम भक्तों को मंजूर नहीं है। उन्होंने सरकार से कहा कि श्रीराम की बात पर सत्ता में आने के बाद अब राम मंदिर बनाने के लिए कोई रास्ता निकालना होगा, जबकि शिलाएं भी अब इंतजार कर रही हैं कि कब वे श्रीराम के काम आएं। उन्होंने कहा कि सारी अयोध्या ही श्रीराम की है और मंदिर निर्माण से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। अब समय आ गया है कि चेहरे पहचानने होंगे और हिंदू समाज को जागना होगा। कांग्रेस ने तो राम को काल्पनिक कहा, लेकिन राम भारत की आत्मा हैं, करोड़ों हिंदुओं के ईष्ट हैं। अब वार्ता नहीं होगी, राम मंदिर का निर्माण होगा।
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इस दौरान स्वामी संपूर्णानंद ने कहा कि श्रीराम ने वनवास जाते वक्त किसी का सहारा नहीं लिया। अब भक्तों का काम है कि मंदिर बनाएं। श्रीराम को टाट में नहीं अब सिंहासन पर देखना चाहते हैं। साध्वी अमृता ने कहा कि अब सोचने का नहीं बल्कि कुछ करने का समय आ गया है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल सुनवाई टलवाना चाहते हैं। उन्होंने कपिल सिब्बल को जयचंद तक कह डाला। महामंडलेश्वर नैसर्गिका गिरि ने कहा कि हम सभी को जोड़ने की बात करनी चाहिए। इस मौके पर भाजपा के राज सिंह, प्रदीप खेड़ा, वीएचपी विभागाध्यक्ष रमेश जोशी, भाजपा नेता डॉ. संजय शर्मा, विधायक असीम गोयल मौजूद रहे।
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सम्मेलन के बाद सांसद को सौंपा ज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय सचिव धर्मनारायण शर्मा व अन्य पदाधिकारियों द्वारा पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर राम मंदिर निर्माण कार्य को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम अंबाला लोकसभा सांसद रत्नलाल कटारिया को सौंपा। इस मौके पर श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जिला प्रधान जगमोहन लाल कुमार, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. संजय शर्मा उपस्थित रहे। ज्ञापन में उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य को लेकर संसद में इस कार्य की मजबूती से पैरवी करने व कानून बनाकर इस कार्य को करने की मांग उठाई। सांसद कटारिया ने ज्ञापन देने आए पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के कार्य को लेकर वे पहले से ही दृढ़ संकल्पित हैं। वह ज्ञापन को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति तक पहुंचाने का कार्य करेंगे तथा सांसद होने के नाते वह लोकसभा में इस संबंध में पुरजोर तरीके से इसकी पैरवी करेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि पहले भी जब वे सांसद थे तब भी राम मंदिर निर्माण कार्य के लिए मजबूती से कार्य किया था तथा आज भी वह इस कार्य के लिए दृंढ़ संकल्पित हैं। ज्ञापन देने आए लोगों में विहिप से प्रदेश सहमंत्री देवेंद्र, उपाध्यक्ष सुशील जैन, साध्वी अमृता, चैतन्य महाराज, विभाग संयोजक राजेंद्र बंसल, विभाग सचिव सत्यनारायण वर्मा, हितेंद्र चौधरी, राज सिंह सहित अन्य पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
प्रमुख झलकियां -
- स्कूल बसों व बाइकों पर सवार होकर डीजे की धुन पर लोग आयोजन स्थल पर पहुंचे।
- अर्चक मंडल के सदस्य शंखनाद करते हुए सम्मेलन में शामिल हुए।
- सम्मेलन में प्रभु श्रीराम और बजरंग बली के वेश में जब पहुंचे तो जय श्रीराम के नारे लगे।
- भजन राम जी की सेना चली ने समा बांधा और करीब दस मिनट तक भक्त नाचते रहे।
- सिखों के दसवें गुरु के परिवार की कुर्बानी को याद किया और जो बोले सो निहाल सत श्रीअकाल का जयघोष किया गया।
- मंच संचालक ने अपने काव्य अंदाज में राम मंदिर के निर्माण का प्रण बार-बार दोहराया।
- साधू-संतों के तीखे तेवरों ने लोगों को धर्मभाव में बहा दिया और लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए।
- सरकार को चेताया कि सरकार बना सकते हैं तो सत्ता से बाहर भी कर सकते हैं।
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