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परिजनों ने डांटा तो हावड़ा भागकर अंबाला पहुंचा, ट्रेन से उतरते ही स्टेट क्राइम टीम को मिला

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चंडीगढ़ के ध्यानार्थ
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परिजनों ने डांटा तो हावड़ा से भागकर अंबाला पहुंचा, ट्रेन से उतरते ही स्टेट क्राइम टीम को मिला
फोटो नंबर : 14
टीम ने परिवार सदस्यों से बातचीत कर किशोर को उसके चंडीगढ़ में रिश्तेदार के सुपुर्द किया
कैंट रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान तीन बच्चों को पकड़ा टीम ने
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। परिजनों ने किसी बात पर किशोर को डांटा तो वह अपने घर हावड़ा से ट्रेन में बैठकर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया। उसका मकसद आगे जाने का था, मगर स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम वीरवार को कैंट रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर काम कर रहे बच्चों को पकड़ रही थी। इसी बीच उनकी नजर इस किशोर पर पड़ गई। उसकी स्टेशन पर ही काउसिलिंग की गई जिसके बाद उसके परिजनों को सूचित किया गया। बाद में उसे चंडीगढ़ स्थित रिश्तेदार के सुपुर्द किया गया। इसके अलावा स्टेशन पर ट्रेनों में सामान बेचते दो और किशोरों को काबू किया गया जिन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया है।
स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने चाइल्ड लाइन के साथ मिलकर दोपहर को स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया। इसी बीच हावड़ा मेल से 15 वर्षीय किशोर उतरा जोकि स्टेशन पर घूम रहा था। टीम को मामला संदिग्ध लगा जिसके बाद उन्होंने किशोर से पूछताछ की। इसके बाद उसे स्टेशन पर चाइल्ड लाइन के कार्यालय में लाया गया। उसके द्वारा बताए गए नंबर पर फोन किया जोकि हावड़ा का निकला। परिवार सदस्यों ने बताया कि किशोर को किसी बात को लेकर डांटा था जिसके बाद वह घर से स्कूल के लिए निकल गया था लेकिन स्कूल जाने के बजाय कहीं ओर निकल गया। टीम ने परिजनों से बातचीत की जिसके बाद पता चला कि किशोर की मौसी चंडीगढ़ रहती है। इसके बाद उन्हें सूचित किया गया। बाद दोपहर किशोर की मौसी कैंट स्टेशन पहुंची जिनके सुपुर्द किशोर को किया गया। कार्रवाई के दौरान टीम के सदस्य सब इंस्पेक्टर मुकेश रानी, एएसआई राजेश, कविता, कुलदीप, चाइल्ड लाइन से कोऑर्डिनेटर राकेश, काउंसलर सुशीला, सुनीता, कवित्री, अनिल व प्रवीण मौजूद रहे।
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ट्रेनों में सामान बेचते दो बच्चे भी पकड़े
कैंट रेलवे स्टेशन पर टीम ने चेकिंग के दौरान दो अन्य बच्चों को भी काबू किया। यह दोनों बच्चे ट्रेनों में सामान बेच रहे थे। उनकी पहले काउसिलिंग की गई जिसके बाद उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बता दें कि टीम इससे पहले भी ढाबों, दुकानों आदि में काम करने वाले बच्चों को कार्रवाई कर छुड़वा चुकी है।
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