फोटो नंबर :: 30 व 31
- अंबाला सेंट्रल जेल में बंद डेरा समर्थकों पर नजर रखना जेल प्रशासन के लिए चुनौती
- इसी जेल में बंद हैं कुर्बानी कमेटी के लिए 38 लाख रुपये इकट्ठा करने के आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/सिटी। पंचकूला में डेरामुखी को 25 अगस्त को दोषी करार देने के बाद भड़की हिंसा में पकड़े डेरा समर्थक अब जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। रविवार एक डेरा समर्थक की आत्महत्या के बाद जेल प्रशासन के साथ-साथ पुलिस व जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जिन डेरा समर्थकों को गिरफ्तार कर अंबाला सिटी सेंट्रल जेल लाया गया, उनकी अब काउंसिलिंग होगी। जेल में बंद करीब 470 डेरा समर्थकों की सुरक्षा पर सवाल है, वहीं यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि इतने संवेदनशील मामले में जेल में बंद डेरा समर्थक ने फांसी तक लगा ली। इसी जेल में वे आरोपी भी बंद हैं, जिन्होंने डेरामुखी प्रकरण में कुर्बानी कमेटी के लिए करीब 38 लाख रुपये की भारी भरकम राशि भी जमा कर ली थी।
रविवार दोपहर हुए डेरा समर्थक रविंद्र सुसाइड मामले में जेल प्रशासन ने कर्मचारियों, अधिकारियों के बयानों की वीडियोग्राफी भी करवाई है। यह सारी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट शेर सिंह के समक्ष पुलिस द्वारा की गई। इस में जेल के अंदर की वीडियोग्राफी तो हुई है, साथ ही जेल में कैदियों, वार्डन व अन्य के बयान भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए गए हैं। पंचकूला में हुई हिंसा के बाद करीब 470 डेरा समर्थकों को अंबाला सिटी की सेंट्रल जेल में लाया गया था। बीते करीब दस दिनों से समर्थक सेंट्रल जेल में हैं, जिन पर विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। रविवार को जिस तरह से रविंद्र ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया, उससे जेल प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
काउंसलिंग की हो रही तैयारियां
जेल प्रशासन अब जेल में बंद इन डेरा समर्थकों की काउंसलिंग करवाने की तैयारी कर रहा है। जिस तरह से यह डेरा समर्थक हैं, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि यह काउंसलिंग जल्द ही शुरू हो सकती है। काउंसिलिंग में इन सभी को विशेषज्ञ की देखरेख में सेशन दिए जाएंगे ताकि यह सामान्य स्तर पर आ सकें। अभी तक यह बात सामने आई है कि कई के ब्रेन वाश किए गए हैं।
नहीं उड़ी जेल प्रशासन की
दूसरी ओर सेंट्रल जेल में डेरा समर्थक द्वारा सुसाइड करने के बाद जेल प्रशासन की नींद उड़ गई है। अब जेल में बंद अन्य डेरा समर्थकों को लेकर जेल प्रशासन नए सिरे से प्लान कर रहा है, ताकि कोई और ऐसा कदम न उठा सके। जिस तरह से डेरा मुखी के समर्थन में इन लोगों ने हिंसा की थी, उससे भी जेल प्रशासन अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। इसी को लेकर अब इन डेरा समर्थकों की जेल में ही रूटीन पर नजर रखी जाने की तैयारियां हैं।
दो दिन पहले हुई थी मां से मुलाकात
जेल प्रशासन की मानें, तो एक सितंबर को ही डेरा समर्थक रविंदर कुमार, जिसने सुसाइड किया है, की मां उससे मिलने के लिए अंबाला सिटी की सेंट्रल जेल में आई थी। इस दौरान उसकी मां ने कुछ कपड़े दिए थे। अब जेल प्रशासन इसी को लेकर भी जांच कर सकता है कि आखिर मां से मुलाकात के मात्र दूसरे ही दिन रविंदर ने सुसाइड क्यों किया है।
यह हैं सवाल व चुनौतियां
- जेल में बने बाथरूम में दरवाजे नहीं होते, तो फिर कैसे रविंद्र ने फंदा लगाया
- फंदा लगाने के बाद इतनी देर तक कैसे जेल कर्मचारियों को इस घटना का पता नहीं लगा
- जेल में इन डेरा समर्थकों से मिलने कौन आता है, उस पूरी तरह से नजर क्यों नहीं रखी जाती
- डेरा समर्थक रविंद्र ने सुसाइड किया है या फिर उसकी हत्या की गई
- डेरा समर्थक यदि जेल परिसर में मिलते हैं, तो कहीं कोई भड़का तो नहीं रहा
- सैकड़ों की संख्या मेें बंद डेरा समर्थकों पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण है
- कोई और डेरा समर्थक ऐसा कदम न उठा ले, उसके लिए कैसे निपटेंगे
- जेल में बंद डेरा समर्थकों से मिलने आने वालों की मंशा को भांपना मुश्किल होगा
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जेल में बंद डेरा समर्थकों पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद और सतर्कता बरती जाएगी। इन सभी डेरा समर्थकों की काउंसिलिंग भी की जाएगी, जबकि इनसे मिलने वालों पर भी पूरी तरह से नजर रहेगी।
- भूपेंद्र सिंह, डीएसपी सेंट्रल जेल अंबाला सिटी