संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो की 5 मिनी बसें अब कोविड मरीजों के लिए संजीवनी का काम करेंगी। बेड व ऑक्सीजन से लैस बसों को एंबुलेंस के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। विभागीय आदेशों के बाद वर्कशॉप में कर्मचारियों ने दिन रात कार्य करते हुए बसों को निर्धारित समय से पहले ही तैयार करने का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया है।
कोरोना काल में हरियाणा रोडवेज की बसों का संचालन लगातार जारी है। अंबाला डिपो महाप्रबंधक मुनीष सहगल के मार्गदर्शन में रोडवेज की मिनी बसों को अब एंबुलेंस में बदलने का कार्य जोरों से चल रहा है। महाप्रबंधक खुद कार्य का निरीक्षण कर जरूरी सुविधाओं पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं वर्कशॉप के कर्मचारी भी बसों को सुरक्षित रूप देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बसों के तैयार होने से प्राइवेट एंबुलेंस की मनमानी पर भी रोक लग जाएगी।
अंबाला डिपो ने 5 मिनी बसों को अस्थाई एंबुलेंस के तौर पर तैयार किया है। इसमें सभी जरूरी उपकरण मुहैया करवाए गए हैं। मरीजों के लिए सभी दिशाओं में गैप रखते हुए 4 बेड तैयार किए गए हैं। एंबुलेंस में पंखों सहित ऑक्सीजन के लिए भी सिलिंडर की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, पीपीई किट, सैनिटाइजर रखने का भी प्रावधान किया गया है। चालक व परिचालक की सुरक्षा को लेकर कोविड मरीजों से दूरी बनाने के लिए प्लास्टिक शीट से एक केबिन तैयार किया गया है।
अलग-अलग विभाग में दे रहे सेवाएं
अंबाला डिपो के चालक व परिचालक सिर्फ हरियाणा रोडवेज की बसों के संचालन में ही सहयोग नहीं कर रहे, बल्कि कोरोना योद्धा के तौर पर अन्य विभागों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महाप्रबंधक मुनीष सहगल ने बताया कि लगभग 16 चालक एंबुलेंस चलाने में और 2 चालक फायरब्रिगेड महकमे में अपनी सेवाएं देरहे हैं।
आगामी आदेशों का इंतजार विभागीय आदेशों के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रत्येक डिपो में 5 मिनी बसों को एंबुलेंस में बदला जाएगा। हमें भी बुधवार सुबह तक यह कार्रवाई पूरी करनी है, लेकिन तय समय से पहले ही यह काम मंगलवार को पूरा कर देंगे। कर्मचारी दिनरात काम में लगे हुए हैं। आगामी आदेशों के तहत इन एंबुलेंस बसों का इस्तेमाल किया जाएगा। - मुनीष सहगल, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।