अंबाला। वन विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र से पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र में कई साल से सफेदे के सूखे पेड़ खड़े थे। जो फैक्ट्रियों की ओर झुक रहे थे। इस मुद्दे पर अमर उजाला की ओर से 23 मई के अंक में समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद मामले की शिकायत समाजसेवी डॉ अनुराग कपिल ने प्रधानमंत्री कार्यालय में कर दी। इसके बाद अधिकारियों ने सर्वे कर सूखे पेड़ों को काटने का निर्णय लिया। सर्वे के दौरान विभाग को 419 सफेदे के पेड़ सूखे मिले। जिन्हें काटने का क्रम शुरू हो गया है। इन पेड़ों को कटवाने के लिए उद्योगपति लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे।
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पेड़ काटने में वन विभाग की टीम को आ रही दिक्कत
इंडस्ट्रियल एरिया की पिछली तरफ जहां पर सफेदे के पेड़ लगे हुए हैं। वहां पर जगह सकरी होने के कारण वन विभाग की टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक एक पेड़ को कटर से काटने के बाद ट्रैक्टर और रस्सी की सहायता से उस पेड़ को राजमार्ग तक लाना पड़ रहा है। रास्ता सकरा होने के कारण समय अधिक लग रहा है। इस तरह से पेड़ काटने में टीम को 15 दिन का समय लग जाएगा।
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कई बार प्रशासन से लगा चुके थे गुहार
इंडस्ट्रियल एरिया में सफेदे के सैकड़ों पेड़ 30-40 साल से लगे हुए हैं। यह पेड़ और इनके तने साइंस कारोबारियों की फैक्टरियों पर पिछले लंबे समय से झुक रहे है। पिछले दिनों बारिश में एक पेड़े फैक्टरी पर गिर गया था। जिसमें कर्मचारी बाल-बाल बचा था। अन्य फैक्टरियों पर भी इनके गिरने का खतरा मंडरा रहा था। इसको लेकर साइंस कारोबारियों ने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई थी। फैक्टरी पर पेड़ गिरने के बाद कारोबारियों ने एसडीएम छावनी से भी शिकायत की थी।
वर्जन....
इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र से करीब 419 सूखे पेड़ों को काटने की अनुमति मिली है। उसी के तहत सूखे पेड़ काटने शुरू कर दिए है। लेकिन रास्ता सकरा होने के कारण सूखे पेड़ काटने में टीम काे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नवल किशोर, महाप्रबंधक, हरियाणा फोरेस्ट डेवलेपमेंट कार्पोंरेशन, अंबाला।
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बारिश में पहले भी हमारा नुकसान हो चुका है। अभी कुछ दिन पहले हुई बारिश में पेड़ और झुक गए हैं। इस कार्य को तेजी से करना होगा।कमल धीमान, उद्योगपति