अंबाला सिटी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में अंबाला ने पिछले प्रदर्शन के मुकाबले 13 पायदान छलांग लगाते हुए देशभर में 146वां स्थान हासिल किया है। लेकिन एप के जरिये कूड़ा उठाने का दावा टांय-टांय फिस नजर आ रहा है।
बता दें कि पांच मार्च को मंत्री अनिल विज ने नगर निगम के ऐप को लांच किया था। दावा था कि एप के जरिए गंदगी की फोटो डालने पर महज तीन घंटे में कूड़ा उठ जाएगा। एप लांच करने के बाद अमर उजाला ने इसकी हकीकत को जाना। तीन अलग-अलग स्थानों की फोटो एप पर अपलोड की गई, मगर निगम कर्मी केवल एक स्थान पर कूड़ा उठा सके। शेष दो स्थानों पर कूड़ा वहीं का वहीं पड़ा था। कूड़ा उठाने के बाद इसकी कोई जानकारी भी एप के जरिए अमर उजाला को नहीं दी गई। साफ है कि अभी कई खामियां है जिसमें सुधार की जरूरत है।
इन स्थानों की फोटो एप में खींचकर डाली
- सुबह 11.38 बजे शहर के नाहन हाउस स्थित गांधी स्कूल के बाहर गंदगी की शिकायत एप के जरिए फोटो डालकर की गई। इसके बाद दोपहर 2.51 पर जाकर उस जगह को देखा तो वहां से काफी हद तक गंदगी साफ कर दी गई थी।
- इसी तरह 11.39 बजे कैथ माजरी में लगे गंदगी के ढेर की फोटो सहित शिकायत एप के जरिये की गई। इसके बाद 2.49 बजे वहां जाकर देखा तो वहां लगा गंदगी का ढेर वैसे ही लगा हुआ था।
- इसके बाद 12.32 बजे शहर अग्रसेन चौक पर पुल के नजदीक पसरी गंदगी की तस्वीर सहित शिकायत एप के जरिये की गई। इसके बाद 5.40 बजे वहां जाकर देखा तो गंदगी वैसे ही पड़ी थी।
स्वच्छ सर्वेक्षण में अंबाला की रैकिंग में सुधार हुआ है जोकि गर्व का विषय है। स्टाफ ने सफाई को लेकर बेहतर कार्य किया है और भविष्य में और बेहतर कार्य हो इस पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं नए लांच के लिए मोबाइल एप का अभी पहला दिन था। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर सफाई कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है। इस एप के जरिये आने वाली शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा।
- सतेंद्र सिवाच, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम अंबाला।