अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सेना क्षेत्र में सेना द्वारा बंद की गई सड़कों को पुन: खोलने को लेकर सेना व सिविलियन में खींचतान आने वाले दिनों में बढ़ना तय है। सड़कें पुन: बंद करने को लेकर सेना आमादा है और इसकी झलक सोमवार कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में देखने को मिली। बोर्ड के सदन में सड़कों को पुन: बंद करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नई गाइडलाइंस की जानकारी दी गई तो सदन में सेना सदस्य ने ऐसी जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। सदन को बोर्ड के सीईओ व सचिव वरुण कालिया ने बताया कि यह गाइड लाइंस रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई हैं, मगर सेना सदस्य इसे मानने के बजाए अपने-अपने तर्क देने लग गए। एक सेना सदस्य ने तो यह तक सदन में कहा कि माल रोड खोल देने से यहां सैर करने वाले सैन्य परिवारों की महिलाओं से छेड़खानी तक हो सकती है और वाहन चालक यहां बिना हेलमेट पहने ही दाखिल हो रहे हैं। अब सवाल है कि सेना केवल माल पर ही क्यों फोक्स कर रही है जबकि सेना क्षेत्र में अन्य सड़कें भी हैं।
सोमवार ढाई घंटे तक चली बैठक में 54 मुद्दे एजेंडे में रखे गए थे जिनमें से कई को पारित किया गया। एजेंडा में बिंदु नंबर 45 पर चर्चा करते हुए सीईओ वरुण कालिया ने सदन को बताया कि रक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार अब यदि सेना कोई सड़क बंद करना चाहेगी तो उसे बोर्ड में इसकी जानकारी देनी होगी जिसके बाद इसकी अधिसूचना को प्रकाशित कर लोगों की आपत्तियां व दावे आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने इस बिंदु पर अन्य जानकारी भी सदन को दी जोकि रक्षा मंत्रालय द्वारा 28 मई को जारी की गई थी। इसपर सदस्य कर्नल शशांक बहुगुणा ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। सीईओ के बताने पर भी उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने पर अनभिज्ञता जाहिर की। वहीं सदस्य कर्नल आरएस दलाल ने कहा कि माल रोड पर वाकिंग करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सुबह शाम सड़क पर वाकिंग करने वाले सैन्य परिवारों की महिलाओं से छेड़खानी की संभावना उन्होंने जताई। मगर इसपर उपाध्यक्ष अजय बवेजा बोले की सभी पार्षद सेना के साथ हैं। सड़क यदि बंद करने की भविष्य में जरूरत पड़ेगी तो इसके लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइंस को फालो किया जाएगा। इसी बीच अन्य सदस्य रक्षा मंत्रालय की गाइड लाइंस को नजरअंदाज करने हुए सदन में यह तर्क तक दिया की स्टेशन कमांडर आपात परिस्थितियों में कोई भी रोड को बंद करवा सकते हैं। हालांकि इस मुद्दे पर सदन में केवल चर्चा हुई, मगर आने वाले समय में टकराव बढ़ने की संभावना है। बता दें कि सेना द्वारा सेना क्षेत्र की माल रोड, स्टाफ रोड व अन्य लिंक सड़कों पर विभिन्न स्थानों पर बैरियर लगाए गए थे और कई सड़कों को बंद किया गया था। मगर, रक्षा मंत्री ने बीती 21 मई को आदेश जारी कर देशभर में सैन्य क्षेत्र की सड़कों को खोलने के निर्देश दिए थे जिस पर सेना खुश नहीं थी। बैठक में पार्षद आशीमा, राजू बाली, लक्ष्मी देवी, सन्नी व नीलम रानी मौजूद रहे।
सदन में इन मुद्दों पर चर्चा
पार्षद बाली ने जताया चर्च का हाउस टैक्स माफ करने पर विरोध
सदन में बिंदु नंबर 11 को सीईओ ने प्रस्तुत करते हुए सेंटपॉल चर्च का हाउस टैक्स माफ करने के बिंदु को रखा। उन्होंने सदन को बताया कि चर्च द्वारा ब्याज की 3.49 लाख रुपये की राशि बकाया है और चर्च ने धार्मिक स्थल होने की वजह से हाउस टैक्स माफ करने का अनुरोध किया है। इस पर पार्षद राजू बाली ने विरोध जताते हुए कहा कि चर्चा पर एक व्यक्ति का कब्जा है और वह वर्षों से यहां पर है, उस पर कई अन्य आपराधिक मामले भी हैं। उन्होंने कहा कि यदि हाउस टैक्स माफ किया गया तो इसका लाभ चर्च को न जाकर एक व्यक्ति को मिलेगा। उन्होंने इस मुद्दे को अगली बैठक में चर्चा करने की अनुमति मांगी जिस पर सदन का अनुमोदन मिला।
ग्रेस पैलेस को किराए पर देने की चर्चा
जगाधरी रोड नेशनल हाईवे पर स्थित ग्रेस पैलेस को किराए पर देने के लिए सदन में चर्चा हुई। सीईओ कालिया ने बताया कि बेहतर लोकेशन पर पैलेस होने के बावजूद बोर्ड को ज्यादा आमदनी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा बोर्ड की योजना है कि पैलेस को वार्षिक किराए पर दिया जाए। इस मुद्दे पर सेना सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे। इस मुद्दे को फिलहाल पारित नहीं किया गया व अगली बैठक में चर्चा को कहा गया।
तोपखाना में स्ट्रीट वेंडर को जारी होंगे लाइसेंस, एक हजार किराया
तोपखाना बाजार में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्ट्रीट वेंडर्स को अब बोर्ड द्वारा लाइसेंस दिए जाएंगे। सदन में सीईओ ने बताया कि वहीं वेंडर रेहड़ी लगा सकेगा जोकि बोर्ड द्वारा अधिकृत होगा। स्ट्रीट वेंडर से बोर्ड द्वारा एक हजार रुपया मासिक शुल्क भी वसूला जाएगा। इस प्रस्ताव को सदन ने पास किया।
धर्मशाला निर्माण को नहीं मिली मंजूरी
सेना क्षेत्र में रानी का तालाब धर्मशाला निर्माण के लिए मंत्री अनिल विज ने 20 लाख रुपये प्रदान किए थे। मगर सेना सदस्यों द्वारा सेना क्षेत्र में धर्मशाला बनाने के मुद्दे को पारित नहीं किया गया। सदस्यों ने कहा कि इस मुद्दे पर लोकल मिलिट्री अर्थारिटी से चर्चा कर इसे पारित किया जाएगा।
सेना व राज्य सरकार को जमीन ट्रांसफर की अप्रूवल
सिविल अस्पताल में केंसर ट्रेसरी निर्माण के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा अपनी 0.45 एकड़ जमीन राज्य सरकार को ट्रांसफर की गई है जबकि इसके बाद राज्य सरकार ने 1.25 एकड़ भूमि बोर्ड को ट्रांसफर की थी।
अन्य यह मुद्दे उठे
- सदन में बोर्ड द्वारा संचालित स्कूल के बच्चों की वर्दियों की खरीद के टेंडर का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
- डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों को पारित किया गया।
इसके अलावा अन्य मुद्दे भी सदन में पारित हुए।